अयोध्या/नई दिल्ली, 12 अगस्त: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद 16 उम्मीदवारों का अयोध्या में आमने-सामने साक्षात्कार लिया गया। इस प्रक्रिया की शुरुआत 5,585 आवेदनों के साथ हुई थी।
सर्च कमेटी के अनुसार, अंतिम दौर के साक्षात्कार 11 और 12 अगस्त को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में आयोजित किए गए। समिति अब अंतिम उम्मीदवारों का मूल्यांकन करेगी और तीन नामों का पैनल राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को सौंपेगी। इसके बाद ट्रस्ट अंतिम घोषणा करेगा।
सर्च कमेटी में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. चतुर्वेदी, PVSM, AVSM, SM और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं। बयान के अनुसार, समिति के सदस्यों के सामूहिक अनुभव में रक्षा, न्यायपालिका और प्रशासन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
शुरुआत में मिले 5,585 आवेदनों में से 3,877 के साथ विस्तृत बायोडाटा जमा किए गए थे। CV जमा करने वाले आवेदकों से प्रबंधन क्षमता, बड़े आयोजनों और कर्मचारियों को संभालने के अनुभव, व्यक्तिगत उत्कृष्टता, भाषा दक्षता, दृष्टिकोण और रणनीतिक योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी गई थी।
अगले चरण में 1,580 उम्मीदवारों के आवेदनों का व्यापक मूल्यांकन किया गया। इनमें से लगभग 111 उम्मीदवारों को कई दिनों तक चली ऑनलाइन बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया। इस दौरान उनके संचार कौशल, पेशेवर अनुभव, दृष्टिकोण, व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी समझ का आकलन किया गया।
ऑनलाइन मूल्यांकन के बाद 16 उम्मीदवारों को अयोध्या में आमने-सामने बातचीत के लिए चुना गया। ये उम्मीदवार रक्षा, नौकरशाही, कॉरपोरेट और औद्योगिक क्षेत्र, शिक्षा तथा सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े हैं। उनकी आयु 50 से 70 वर्ष के बीच है और इनमें सेना के पूर्व अधिकारी, सेवानिवृत्त IAS और IPS अधिकारी तथा सरकारी एवं गैर-सरकारी सेवाओं से जुड़े पेशेवर शामिल हैं।
अंतिम चरण में प्रबंधन कौशल, व्यक्तित्व, दृष्टिकोण, रणनीतिक योजनाओं, तकनीकी विशेषज्ञता और नेतृत्व क्षमता के आधार पर मूल्यांकन किया गया। सर्च कमेटी ने अंतिम दौर में पहुंचे उम्मीदवारों को अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले अनुभवी पेशेवर बताया है।
CEO चयन प्रक्रिया की सर्च कमेटी की ओर से सचिव समीर पांडा ने कहा कि पूरी प्रक्रिया योग्यता-आधारित चयन, संस्थागत उत्कृष्टता और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

