नई दिल्ली: दिल्ली कैबिनेट ने राजधानी के स्टार्टअप तंत्र को सहयोग देने के लिए 50 करोड़ रुपये के शुरुआती आवंटन के साथ GO-DELHI फाउंडेशन को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इसका उद्देश्य दिल्ली के 21,000 से अधिक स्टार्टअप वाले तंत्र को मजबूत करना है।
फाउंडेशन के जरिए युवा उद्यमियों को मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन, निवेशकों से संपर्क और ऐसे संसाधनों से जोड़ने की योजना है, जो उनके विचारों को बाजार के लिए तैयार उत्पादों में बदलने में मदद करें। सरकार ने कहा कि छात्रों, शोधकर्ताओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को भी सहयोग मिलेगा।

GO-DELHI फाउंडेशन से नवाचार और उद्योग को जोड़ने की योजना
पहल का उद्देश्य दिल्ली के DPIIT से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप तंत्र, युवा नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं और एमएसएमई को एक साझा मंच से जोड़ना है। प्रस्तावित सहयोग में उत्पाद इंजीनियरिंग, प्रोटोटाइप तैयार करना, प्रयोगशालाएं और परीक्षण सुविधाएं शामिल हैं।
सरकार की रूपरेखा के अनुसार, मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन और निवेशकों से संपर्क के जरिए उद्यमियों को अपने विचार व्यावसायिक उत्पादों में बदलने में मदद देने की योजना है।
सरकारी चुनौतियों के समाधान के लिए पायलट परियोजनाएं
स्टार्टअप को सरकारी विभागों की समस्याओं के तकनीकी समाधान तैयार करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। नई तकनीकों को व्यावहारिक परिस्थितियों में परखने के लिए पायलट परियोजनाओं की परिकल्पना की गई है।
सरकार ने फाउंडेशन को नए उद्यमों को मजबूत करने तथा विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने की पहल बताया है। ये इसके घोषित उद्देश्य हैं; रोजगार की तय संख्या या हर स्टार्टअप को निश्चित नकद राशि देने की घोषणा नहीं की गई है।
पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और शुरुआत की तारीख का विवरण घोषणा में नहीं दिया गया है।

