नई दिल्ली: मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम में जुटे MCD के करीब 4,000 जनस्वास्थ्य मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन के निर्णय का लाभ मिलेगा। निगम आयुक्त संजीव खिरवार के अनुसार, उन्हें वेतन मैट्रिक्स के लेवल-1 के तहत न्यूनतम ₹18,000 और महंगाई भत्ता दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को सिविक सेंटर स्थित केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में बढ़े वेतन की राशि सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी। कार्यक्रम निगम के जनस्वास्थ्य MTS कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने के निर्णय के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
बीमारियों की रोकथाम में लंबी सेवा को मान्यता
गुप्ता ने निर्णय को कर्मचारियों की सेवा और समर्पण की मान्यता बताया। दिल्ली में 1996 के डेंगू प्रकोप के दौरान नियुक्त कर्मचारियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी करीब तीन दशक से घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा में योगदान दे रहे हैं।
आयुक्त खिरवार ने अलग से बताया कि डेंगू नियंत्रण के लिए 1997 में घरेलू प्रजनन जांचकर्ता यानी डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर (DBC) के पद सृजित किए गए थे। बाद में इन कर्मचारियों को MTS जनस्वास्थ्य के रूप में पहचान मिली। उन्होंने कहा कि नई वेतन व्यवस्था कर्मचारियों को अपने दायित्व निभाने के लिए नया उत्साह देगी।
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता और सेवाभाव के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के कल्याण और आवश्यकताओं से जुड़े उपायों का समर्थन करेगी।
मेयर ने स्वच्छता कर्मियों की नियुक्ति की बात भी कही
मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए 2,500 नए स्वच्छता कर्मियों की नियुक्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि MCD दिल्ली सरकार के साथ मिलकर विकास कार्यों को धरातल पर उतार रहा है।
वेतन संबंधी निर्णय और स्वच्छता कर्मियों की नियुक्ति की घोषणा निगम कर्मचारियों की अलग-अलग श्रेणियों से संबंधित हैं।

