नई दिल्ली: नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने कहा कि उसने पिछले दो दिनों में पांच रिहायशी कॉलोनियों के उन घरों को 60 नोटिस जारी किए हैं, जहां कचरा स्रोत पर अलग नहीं किया जा रहा था। घरों से कचरा उठाए जाने से पहले उसे अलग करना सुनिश्चित करने के लिए परिषद का प्रवर्तन अभियान जारी है।
ये कॉलोनियां वेस्ट किदवई नगर, लक्ष्मी बाई नगर, चाणक्यपुरी का चाणक्य रेल एन्क्लेव, सरोजिनी विहार और बीकेएस मार्ग स्थित केंद्र सरकार कर्मचारी आवासीय परिसर हैं। परिषद के अनुसार, इन कॉलोनियों में वरिष्ठ आईपीएस, आईआरएस और रेलवे अधिकारियों के साथ केंद्र सरकार तथा NDMC के अधिकारी भी रहते हैं।

परिषद ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 का पालन सभी निवासियों के लिए अनिवार्य है, चाहे उनका पद, रैंक या हैसियत कुछ भी हो। साथ दी गई कचरा पृथक्करण संबंधी जानकारी में चार अलग श्रेणियां बताई गई हैं: गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाला कचरा।
गीला कचरा हरे डिब्बे में डालने की जानकारी दी गई है। इसमें रसोई का कचरा, बचा हुआ भोजन, सब्जियों और मांस का कचरा, फलों के छिलके तथा फूल शामिल हैं।
सूखा कचरा नीले डिब्बे के लिए है। इसमें कागज और गत्ता, प्लास्टिक की बोतलें व पैकेजिंग, धातु के डिब्बे, लकड़ी, रबर, कांच की बोतलें और टेट्रा पैक शामिल हैं।
लाल डिब्बा सैनिटरी कचरे के लिए बताया गया है। इस्तेमाल किए गए डायपर, सैनिटरी पैड, टैम्पोन, कंडोम, रूई और पट्टियां इस श्रेणी में हैं। इन्हें गीले और सूखे कचरे से अलग रखा गया है।
विशेष देखभाल वाला कचरा काले डिब्बे में डालने की जानकारी है। इसमें पेंट के खाली ड्रम, कीटनाशक के डिब्बे, बल्ब, ट्यूबलाइट और फ्लोरोसेंट लैंप, मियाद पूरी कर चुकी दवाएं, टूटे थर्मामीटर, बैटरियां तथा इस्तेमाल की गई सुइयां या सिरिंज शामिल हैं। NDMC ने निवासियों से निर्धारित पृथक्करण व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।

