नई दिल्ली: दिल्ली में एक लाख स्मार्ट LED स्ट्रीट लाइट्स की योजना के तहत लोग QR कोड स्कैन करके खराब लाइट की शिकायत कर सकेंगे। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, शिकायत के 48 घंटे के भीतर मरम्मत करनी होगी और देरी होने पर प्रति लाइट प्रतिदिन ₹2,000 जुर्माने का प्रावधान है।
PWD ने कहा कि योजना का उद्देश्य अंधेरे स्थानों पर रोशनी बेहतर करना और महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करना है। इसके तहत करीब 45,000 पुरानी HPSV लाइट्स भी स्मार्ट LEDs से बदली जाएंगी।

स्मार्ट स्ट्रीट लाइट्स की मरम्मत के लिए 48 घंटे
विभाग के रखरखाव नियमों में शिकायत आने के बाद खराब लाइट ठीक करने के लिए 48 घंटे की समय-सीमा तय की गई है। PWD के मुताबिक, तय अवधि में मरम्मत नहीं होने पर हर लाइट के लिए रोजाना जुर्माना लगेगा।
नियमित निगरानी के जरिए खराबी की पहचान और मरम्मत की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। रखरखाव व्यवस्था में चोरी और तोड़फोड़ के मामलों पर ध्यान देना भी शामिल है।
QR कोड और रियल-टाइम निगरानी
सेंट्रल कमांड सेंटर से हर लाइट की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और उसकी स्थिति की जानकारी मिलेगी। QR कोड स्कैन करके लोग जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और शिकायत दर्ज कर सकेंगे।
स्मार्ट फीडर पिलर्स के जरिए लाइट्स का संचालन और निगरानी बेहतर बनाने की व्यवस्था होगी।
विभाग के अनुसार, स्मार्ट शेड्यूलिंग के तहत शाम को रोशनी बढ़ेगी और सुबह कम होगी, जिससे बिजली की बचत होगी।
मुख्य सड़कों पर 35 और सर्विस रोड पर 25 Lux का लक्ष्य
PWD ने मुख्य सड़कों पर औसतन 35 Lux और सर्विस रोड पर 25 Lux रोशनी का लक्ष्य बताया है।
योजना में स्ट्रीट लाइट्स की 99% कार्यशीलता बनाए रखने का लक्ष्य भी है। विभाग ने नई लाइट्स, पुरानी लाइट्स बदलने और निगरानी के इन उपायों को एक लाख स्मार्ट LEDs की योजना के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया है।
नए PWD नोटिस में 48 घंटे, पहले बयान में 24 घंटे
48 घंटे की अवधि PWD की 21 अक्टूबर की घोषणा में दी गई है। परियोजना के 15 अक्टूबर के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा था कि कोई खराब लाइट 24 घंटे से ज्यादा बंद नहीं रहनी चाहिए और देरी पर संबंधित ठेकेदार के भुगतान से कटौती होगी।
PWD की नई घोषणा में दोनों समय-सीमाओं के अंतर का कारण नहीं बताया गया है।
पहले की खबर: दिल्ली की स्मार्ट LED लाइट्स की मरम्मत के लिए 24 घंटे की समय-सीमा, देरी पर भुगतान में कटौती।

