नई दिल्ली: SIR का नोटिस मिलना या ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम चिन्हित होना अपने आप अंतिम सूची से नाम कटना नहीं है, निर्वाचन आयोग ने 19 पन्नों के FAQ में कहा है। दिल्ली के मतदाताओं के लिए फिलहाल महत्वपूर्ण तारीख 30 अक्टूबर है—दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख।
दस्तावेज में घर पर दस्तावेज लेने के लिए BLO की यात्रा, Form 6 से नाम जुड़वाने तथा अपील के रास्ते समझाए गए हैं। आयोग ने मतदाता सूची बनाने में AI के इस्तेमाल से इनकार करते हुए कहा है कि नाम जोड़ने या हटाने का फैसला ERO करता है। पाठकों के लिए उपयोगी सवालों के जवाब यहां सरल भाषा में दिए गए हैं।
ECI का पूरा 19 पन्नों का SIR FAQ पढ़ें
क्या ड्राफ्ट सूची में नाम चिन्हित होने का मतलब अंतिम सूची से नाम कटना है?
आयोग के अनुसार, नहीं। ड्राफ्ट में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरे पंजीकरण वाली प्रविष्टि चिन्हित होने और अंतिम सूची से नाम हटने में अंतर है। ड्राफ्ट सूची राजनीतिक दलों और उनके बूथ स्तर के एजेंटों को जांच के लिए दी जाती है। पात्र मतदाता दावा या आपत्ति कर सकते हैं। अंतिम आंकड़े शेष अंतिम सूचियां प्रकाशित होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
SIR का नोटिस मिला है तो दस्तावेज कहां देने हैं?
जिन मतदाताओं को नाम की मैपिंग न होने या तार्किक विसंगति के कारण नोटिस मिला है, उनके घर BLO जाएगा। वह दस्तावेज लेकर ECINET पर अपलोड करेगा और ERO फैसला करेगा। FAQ में यह सुविधा आयोग की 26 सितंबर की प्रेस नोट के निर्णयों के तहत बताई गई है।
क्या हर नोटिस पर चुनाव कार्यालय जाना जरूरी है?
FAQ के अनुसार ऐसे प्रत्येक मामले में दफ्तर की सुनवाई जरूरी नहीं है। ERO जिन विशेष परिस्थितियों में सुनवाई आवश्यक समझेगा, वहां यथासंभव ऑनलाइन सुनवाई होगी। जरूरत पड़ने पर मतदाता परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में भाग लेने के लिए अधिकृत कर सकता है।
दिल्ली में आवेदन और निस्तारण की अंतिम तारीख क्या है?
दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 है। अधिकारियों को नोटिस, दावों और आपत्तियों का निस्तारण 30 नवंबर 2026 तक करना है। ये अलग चरण हैं; निस्तारण की बाद की तारीख आवेदन दाखिल करने की अवधि नहीं बढ़ाती।
क्या महाराष्ट्र में भी यही तारीख लागू है?
नहीं। महाराष्ट्र में दावे-आपत्तियां 12 अक्टूबर 2026 तक दाखिल की जा सकती हैं और निस्तारण की तारीख 10 नवंबर 2026 है। FAQ इन तारीखों को देशभर की साझा समयसीमा नहीं बताता।
नाम छूट गया हो या पहली बार मतदाता बनना हो तो क्या करें?
आयोग के अनुसार मतदाता सूची का अद्यतन निरंतर चलता है। SIR के दौरान या बाद में छूटे पात्र लोग तथा नए मतदाता अपने ERO के पास Form 6 दे सकते हैं। युवाओं के लिए 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर पात्रता की तारीखें हैं; उन्हें अगली सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की प्रतीक्षा नहीं करनी है।
क्या Form 6 बदल दिया गया है?
आयोग का कहना है कि Form 6 नहीं बदला है। SIR के लिए घोषणा-पत्र को उसी आवेदन प्रक्रिया से जोड़ा गया है ताकि ऑनलाइन आवेदक को OTP प्रक्रिया दो बार पूरी न करनी पड़े। SIR अवधि के बाहर मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 के तहत लागू फॉर्म इस्तेमाल होंगे।
क्या AI या ECINET नाम हटाने का फैसला करता है?
आयोग मतदाता सूची बनाने में AI इस्तेमाल किए जाने से इनकार करता है। उसके अनुसार नाम जोड़ने या हटाने का फैसला ERO निर्धारित कानूनी प्रक्रिया, नोटिस और सुनवाई के आधार पर करता है। ECINET अधिकारियों को काम करने में सहायता देने वाला डिजिटल मंच है।
ERO के फैसले से असहमति हो तो क्या रास्ता है?
FAQ में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 के तहत पहले जिला मजिस्ट्रेट और फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास अपील का प्रावधान बताया गया है। ड्राफ्ट सूची पर दावा और आपत्ति दाखिल करने का रास्ता भी उपलब्ध है।
दिल्ली के बेला एस्टेट में 729 से एक मतदाता का मामला क्या है?
चांदनी चौक के इस मतदान भाग पर आयोग का कहना है कि 2022–23 की ध्वस्तीकरण कार्रवाई के बाद निवासी अन्य स्थानों पर चले गए थे। विशेष संपर्क अभियान में करीब 500 प्रभावित मतदाताओं ने नए पते पर नाम जुड़वाने के लिए Form 6 दिया। यह आवेदन की संख्या है, सभी आवेदन मंजूर होने का दावा नहीं।
गोवा के 97 मतदाताओं के मामले में क्या बताया गया है?
आयोग इन मामलों को ERO की अनजाने में हुई गलतियों से जोड़ता है, सॉफ्टवेयर द्वारा पात्र मतदाता खारिज किए जाने से नहीं। 26 सितंबर के निर्णयों के सारांश के अनुसार BLO के घर जाने के बाद 97 में से 81 लोगों ने Form 6 भरा। फॉर्म भरना और सूची में नाम शामिल होना अलग चरण हैं; शेष मामलों पर प्रक्रिया जारी बताई गई है।
बेघर लोगों और मजदूरों के लिए क्या सहायता है?
जिला निर्वाचन अधिकारियों को रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीबों और बेघर लोगों के लिए जरूरत के अनुसार पर्याप्त सहायता केंद्र और विशेष शिविर लगाने हैं। आयोग का घोषित लक्ष्य है कि कोई पात्र मतदाता बाहर न रह जाए।
क्या ECINET की स्वतंत्र तकनीकी समीक्षा होगी?
FAQ में वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता में समिति बनाने का उल्लेख है। इसमें IIT या IIIT का स्वतंत्र विशेषज्ञ होगा। समिति जांचेगी कि ECINET कानूनों और नियमों के अनुरूप है या नहीं और आयोग को रिपोर्ट देगी। नए IT मॉड्यूल आयोग की मंजूरी से पहले अधिकारियों की समिति में चर्चा के लिए रखे जाएंगे।

