नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अनधिकृत निर्माण, खतरनाक भवनों और भवन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ जारी अभियान के तहत 13 और 14 अक्टूबर को कुल 49 ध्वस्तीकरण कार्रवाइयां कीं और 15 संपत्तियों को सील किया।
निगम के अनुसार, 14 अक्टूबर को 26 ध्वस्तीकरण कार्रवाइयां की गईं और आठ संपत्तियां सील की गईं। इससे एक दिन पहले, 13 अक्टूबर को 23 ध्वस्तीकरण कार्रवाइयां हुई थीं और सात संपत्तियों को सील किया गया था।
एमसीडी ने बताया कि अभियान निगम के सभी 12 क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य दिल्ली मास्टर प्लान (MPD), भवन उपनियमों और अन्य लागू नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ सार्वजनिक सुरक्षा की रक्षा करना है।
पहाड़गंज और करोल बाग समेत कई इलाकों में कार्रवाई
14 अक्टूबर को पहाड़गंज, सिधीपुरा, करोल बाग और निमरी कॉलोनी समेत दिल्ली के अन्य इलाकों में प्रमुख ध्वस्तीकरण कार्रवाइयां की गईं।
निगम ने कहा कि ये कार्रवाइयां अनधिकृत निर्माण रोकने और भवन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ उसके निरंतर अभियान का हिस्सा हैं।
एमसीडी के अनुसार, 14 अक्टूबर की कार्रवाई के दौरान सील की गई आठ संपत्तियों में लागू भवन नियमों का उल्लंघन पाया गया था।
क्षेत्रीय अधिकारियों को कड़ी निगरानी के निर्देश
एमसीडी ने क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने-अपने इलाकों में कड़ी निगरानी बनाए रखने और चिन्हित उल्लंघनों के खिलाफ दिल्ली मास्टर प्लान, भवन उपनियमों तथा अन्य लागू नियमों के तहत उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
निगम ने दोहराया कि उसके अधिकार क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण और भवन नियमों के उल्लंघन की अनुमति नहीं दी जाएगी। चिन्हित उल्लंघनों के खिलाफ निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
निगम ने कहा कि सभी 12 क्षेत्रों में अभियान जारी रहेगा। इसके तहत अनधिकृत निर्माण, खतरनाक भवनों और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकने वाले अन्य उल्लंघनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

