दिल्ली MCD उपचुनाव में 38.51 फीसदी वोटिंग: चांदनी महल बना ‘हॉट सीट’, 12 वार्डों पर BJP–AAP–कांग्रेस की तिकोनी जंग

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नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों में हुए उपचुनाव की वोटिंग पूरी हो चुकी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल मतदान प्रतिशत 38.51% दर्ज किया गया है। उपचुनाव के लिहाज़ से यह टर्नआउट भले बहुत ऊँचा न हो, लेकिन राजनीतिक संकेत के तौर पर इसे काफ़ी अहम माना जा रहा है।

इन उपचुनावों में मुख्य मुकाबला BJP और AAP के बीच रहा, जबकि कांग्रेस कई सीटों पर वोट शेयर बढ़ाने और एक–आध जीत की उम्मीद में उतरती दिखी।

12 वार्डों में कुल 38.51% मतदान

अंतिम आँकड़ों के मुताबिक़, सभी 12 वार्डों में मिलाकर 38.51% वोटिंग हुई।
दिल्ली में आमतौर पर:

  • विधानसभा चुनावों में भी टर्नआउट बहुत ज़्यादा नहीं रहता,
  • उपचुनावों में तो वोट प्रतिशत और भी कम होता है।

इस संदर्भ में यह टर्नआउट औसत लेकिन राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस चुनाव में:

  • BJP अपनी बढ़त को मजबूत करना चाहती है,
  • AAP MCD और दिल्ली सरकार के स्तर पर बनी नाराज़गी को मैनेज करने में जुटी है,
  • कांग्रेस के पास खोने को कम, लेकिन वोट शेयर और मनोबल बढ़ाने का मौक़ा ज़्यादा है।

चांदनी महल: सबसे ज़्यादा चर्चा, सबसे ज़्यादा वोटिंग

सबसे ज़्यादा सुर्खियों में रहने वाला वार्ड रहा चांदनी महल, जहां 3:30 बजे तक ही करीब 42% मतदान दर्ज हुआ था, जो अंततः कुल औसत (38.51%) से काफ़ी ऊपर है।

यहां तस्वीर अलग है:

  • सीधे मुकाबले में AAP बनाम शोएब इक़बाल (निर्दलीय),
  • कांग्रेस तीसरी ताक़त बनकर दोनों का वोट काट सकती है।

AAP में बग़ावत और समीकरणों के बदलने के बाद, ज़मीन से मिली प्रतिक्रियाओं के अनुसार:

  • “शोएब बनाम ऑल” वाला नैरेटिव
  • और सहानुभूति वोट
    शोएब इक़बाल को स्पष्ट बढ़त देते दिख रहे हैं, हालांकि कांग्रेस किसका कितना नुक़सान करेगी, यह फ़ाइनल नतीजों में साफ़ होगा।

शालीमार बाग: मुख्यमंत्री का इलाका, BJP के पक्ष में समीकरण

शालीमार बाग वार्ड, जो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है:

  • 2022 में AAP लहर के बावजूद BJP यहां लगभग 8,000 वोटों से जीती थी,
  • यह सीट सिम्बॉलिक मानी जा रही है — यहां हार BJP के लिए बड़ा संदेश होगा।

कम वोटिंग के बावजूद:

  • CM फैक्टर,
  • पूर्व का क्लीन मार्जिन,
  • और AAP का अपेक्षाकृत कमजोर कैंपेन

को देखते हुए यहां BJP की स्थिति मज़बूत मानी जा रही है।

मुंडका, द्वारका–B, दिचाऊं कला: ग्रामीण बेल्ट, BJP की पकड़ मज़बूत

मुंडका में 3:30 बजे तक करीब 38% वोटिंग हुई, जो ग्रामीण–शहरी मिश्रित क्षेत्र के लिहाज़ से अच्छी मानी जा रही है।

  • यहां BJP और AAP दोनों के उम्मीदवार जाट और स्थानीय गांव से हैं,
  • लेकिन पिछले कुछ सालों में ग्रामीण बेल्ट में AAP का प्रभाव कम हुआ है,
  • 2022 में BJP यहां आराम से जीती थी, और अब उसके पास “ट्रिपल इंजन” (केंद्र, सांसद, MCD) का नैरेटिव भी है।

इसी तरह दिचाऊं कला और द्वारका–B में:

  • पिछली बार BJP के बड़े अंतर से जीत,
  • AAP का लो–की कैंपेन,
  • कांग्रेस की कमजोर उपस्थिति

को देखते हुए चुनाव विश्लेषकों को यहां भी BJP की साफ़ बढ़त नज़र आ रही है।

विनोद नगर और नारायणा: उम्मीदवार चयन ने AAP को किया कमजोर

विनोद नगर में:

  • AAP के उम्मीदवार को लेकर पुराने वीडियो और आरोप फिर से चर्चा में आए,
  • स्थानीय स्तर पर टिकट चयन पर सवाल उठे,
  • जिससे BJP को नैरेटिव और संगठन दोनों में बढ़त मिलती दिखी।

नारायणा में:

  • 2022 में BJP लगभग 3,700 वोटों से जीती थी,
  • यहां थोड़ा गांव, थोड़ा पॉश एरिया — मिश्रित प्रोफ़ाइल,
  • AAP के प्रमुख चेहरों की अपनी सीट पर हार,
  • और नई ‘रेखा सरकार’ के ख़िलाफ़ अभी गहरी एंटी–इन्कम्बेंसी न होने के कारण
    यहां भी BJP हल्की लेकिन साफ़ बढ़त में दिख रही है।

संगम विहार: कांग्रेस की सबसे बड़ी उम्मीद

संगम विहार एक ऐसा वार्ड है, जहां से कांग्रेस के लिए सबसे वास्तविक मौका दिख रहा है।

  • 2022 में AAP महज़ 389 वोटों से BJP को हरा पाई थी,
  • एक मज़बूत निर्दलीय उम्मीदवार को अब कांग्रेस ने साथ लिया, जिसके 7,000 से ज़्यादा वोट थे,
  • पानी और सड़कों जैसी पुरानी समस्याओं पर जनता BJP और AAP दोनों से नाराज़ है।

यहां समीकरण ऐसे बनते दिख रहे हैं कि:

  • यदि कांग्रेस अपना वोट समेटने में सफल रही,
  • तो संगम विहार से कांग्रेस की सेंधमारी संभव मानी जा रही है।

अशोक विहार और दक्षिणपुरी: स्लम बेल्ट, बुलडोज़र फैक्टर और AAP की वापसी

अशोक विहार:

  • शुरू में लो–प्रोफाइल, लेकिन वोटिंग से ठीक पहले बुलडोज़र विवाद और इस्तीफों के चलते हाई–प्रोफाइल बन गया,
  • यहां बड़ी संख्या में झुग्गी–झोपड़ी और लो–इनकम वोटर हैं,
  • BJP की बुलडोज़र कार्रवाई को मुद्दा बनाकर AAP ने अपने पारंपरिक स्लम वोट बैंक को फिर से जोड़ने की कोशिश की,
  • 2022 में BJP सिर्फ 156 वोटों के अंतर से जीती थी।

इसलिए, ज़मीनी संकेत बताते हैं कि यहां AAP को हल्की बढ़त हो सकती है, हालांकि मुकाबला कड़ा है।

दक्षिणपुरी:

  • पूरा इलाका झुग्गी–झोपड़ी और लो–इनकम बस्तियों से भरा है,
  • AAP यहां पहले भी 6,000 से ज़्यादा वोटों के अंतर से जीती थी,
  • बुलडोज़र राजनीति और आवास असुरक्षा ने स्लम वोटर को फिर से AAP की तरफ़ झुकाया है।

यहां AAP की जीत की परंपरा जारी रहने की प्रबल संभावना है, और BJP के लिए यह वार्ड अब भी कठिन चुनौती बना हुआ है।

चांदनी चौक: त्रिकोणीय मुकाबला, BJP को हल्की बढ़त

चांदनी चौक में:

  • 2022 में AAP ने लगभग 1,216 वोटों से जीत दर्ज की थी,
  • इस बार कांग्रेस ने स्थानीय व्यापारी वर्ग से मज़बूत चेहरा उतारा,
  • BJP ने भी व्यावसायिक समुदाय से जुड़ा उम्मीदवार मैदान में उतारा,
  • AAP को यहां शहरी एंटी–इन्कम्बेंसी और वोट बंटवारे का सामना है।

अब समीकरण ऐसे हैं कि:

  • कांग्रेस AAP का वोट काटती दिख रही है,
  • और BJP का संगठन व व्यापारी वर्ग में पकड़ मज़बूत है।

कुल मिलाकर, यहां BJP को हल्का लेकिन अहम एज दिखाई दे रहा है।

मोटा आकलन: किसके खाते में कितनी सीटें?

38.51% के कुल मतदान, 3:30 बजे तक के रुझानों, पिछले नतीजों और ज़मीनी फीडबैक को मिलाकर मोटे तौर पर जो तस्वीर बनती है, वह कुछ इस तरह हो सकती है (राजनीतिक अनुमान):

  • BJP – लगभग 7–8 वार्डों पर बढ़त या संभावित जीत
  • AAP – लगभग 2–3 वार्डों में मज़बूत स्थिति (ख़ासकर दक्षिणपुरी, और संभवतः अशोक विहार / एक–दो शहरी–गरीब बेल्ट)
  • कांग्रेससंगम विहार में सबसे बेहतर मौका, जहां से जीत की संभावना से इंकार नहीं
  • निर्दलीय (चांदनी महल)शोएब इक़बाल की जीत पर हैरानी नहीं होगी

आख़िरी तस्वीर तो 3 तारीख़ को काउंटिंग के बाद ही साफ़ होगी, लेकिन इन उपचुनावों ने अभी से यह संकेत दे दिए हैं कि दिल्ली की स्थानीय राजनीति में इस समय BJP सबसे आगे, AAP डिफेंसिव, और कांग्रेस सीमित लेकिन संभावित रूप से निर्णायक भूमिका में दिख रही है।

Also Read: Delhi MCD Bypolls See 38.51% Voting: Chandni Mahal Turns ‘Hot Seat’ as BJP, AAP, Congress Battle for 12 Wards

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