नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से पहले और बाद की मतदाता सूचियों की तुलना करने तथा मौजूदा सूची से बाहर रह गए पात्र मतदाताओं को फॉर्म 6 के जरिए नाम जुड़वाने में मदद के लिए घर-घर संपर्क अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
विशेष अभियान में छूट गए मतदाताओं के साथ पहली बार पंजीकरण कराने वाले और युवा मतदाता भी शामिल हैं। बूथ स्तर अधिकारियों (BLO) को ऐसे लोगों की पहचान करनी है जिनका नाम SIR से पहले की सूची में था, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं है। उनकी मौजूदा स्थिति की जांच कर पात्र होने पर आवेदन में सहायता दी जाएगी।


सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भेजे गए 1 अक्टूबर के निर्देशों में BLO को प्रति सप्ताह कम से कम 20–25 मतदाताओं तक पहुंचकर लगभग एक महीने में यह कार्य पूरा करने को कहा गया है। यह अभियान का कार्य लक्ष्य है, मतदाता आवेदन की कोई तय देशव्यापी अंतिम तारीख नहीं।
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नाम गायब होने पर जांच होगी, स्वतः बहाली नहीं
BLO प्रत्येक चिन्हित मतदाता की वर्तमान स्थिति और फॉर्म 6 भरने वालों का विवरण दर्ज करेंगे। सूची, भरे हुए आवेदन और क्षेत्रीय सत्यापन रिपोर्ट निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) को दी जाएंगी। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के तहत कार्रवाई का सक्षम प्राधिकारी ERO है।
निर्देश पात्र लोगों की पहचान और सहायता का रास्ता देता है; वर्तमान सूची से गायब हर नाम की स्वतः बहाली का आदेश नहीं है। आयोग ने दोहराया है कि मतदाता पंजीकरण निरंतर प्रक्रिया है। जिसका नाम दर्ज नहीं है या हटा दिया गया है, वह कभी भी पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है।
राजनीतिक दलों के साथ साझा होंगी सूचियां
BLO अपनी सूचियां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ स्तर एजेंटों (BLA) से साझा करेंगे। अभियान के अंत में ERO भी बूथवार सूचियां दलों के प्रतिनिधियों को देंगे, ताकि पात्र छूटे हुए मतदाताओं के पंजीकरण में सहायता का एक और अवसर मिले।
पत्र के अनुसार SIR के गणना चरण में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट (ASDD) मतदाताओं की सूचियां और नाम शामिल न होने के संभावित कारण तैयार किए गए थे। ये निर्धारित स्थानीय कार्यालयों में प्रदर्शित, BLA और राजनीतिक दलों के साथ साझा तथा CEO वेबसाइटों पर अपलोड किए गए। इसके बाद प्रारूप सूचियां प्रकाशित और साझा हुईं; दावे-आपत्तियों पर ERO के फैसलों के बाद अंतिम सूचियां बनीं।
इसलिए अंतिम सूची में गणना चरण के दौरान हुए विलोपन के साथ प्रारूप प्रकाशन के बाद हुए नाम जोड़ने और हटाने के बदलाव भी शामिल हैं। विशेष अभियान में वर्तमान सूची की SIR से पहले की सूची से तुलना कर उन लोगों की पहचान करनी है जिन्हें आगे सत्यापन और सहायता की जरूरत है।
बूथ शिविर और वंचित मतदाताओं तक पहुंच
पंजीकरण आवेदनों में मदद के लिए बूथ स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। रैन बसेरों और श्रमिक कॉलोनियों में रहने वालों, बेघर तथा वंचित लोगों के लिए विशेष शिविर भी आयोजित किए जा सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और ERO शैक्षणिक संस्थानों, स्थानीय संपर्क, SVEEP गतिविधियों, नियमित प्रेस ब्रीफिंग और अन्य उपयुक्त मंचों से जागरूकता व सहभागिता बढ़ाएंगे। उन्हें प्रगति की निगरानी और अभियान की नियमित समीक्षा करनी है; CEO संबंधित अधिकारियों को क्रियान्वयन के निर्देश देंगे।

