नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ इकाई ने एक्स कॉर्प को प्रदर्शन से जुड़ी कुछ पोस्ट हटाने या उन तक पहुंच रोकने के लिए नोटिस प्राप्त होने के तीन घंटे की समयसीमा दी है। पुलिस का आरोप है कि इन वीडियो में पहले हुई बाधा और प्रतिरोध का संदर्भ हटाकर पुलिस की कार्रवाई दिखाई गई है।
5 अक्टूबर को जारी नोटिस संख्या 301/TD-Jt. CP/IFSO में 11 पोस्ट के लिंक सूचीबद्ध हैं।
एक्स पर मूल पोस्ट देखें
नोटिस में दिए गए पुलिस के विवरण के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिसकर्मी तैनात थे। पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को धक्का दिया, बैरिकेड हटाए या उनके ऊपर से कूदे और निर्देशों के बावजूद आगे बढ़ने की कोशिश की।
पुलिस ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों का पालन करने को कहा गया था। नोटिस के मुताबिक, सहयोग नहीं करने और पुलिस के काम में बाधा डालने या विरोध जारी रखने पर संबंधित लोगों को रोका गया अथवा हिरासत में लिया गया।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि प्रसारित वीडियो में इस कार्रवाई को पुलिस का दुर्व्यवहार या अनावश्यक बल प्रयोग बताया गया, जबकि उससे पहले की बाधा, प्रतिरोध और निर्देशों का उल्लंघन नहीं दिखाया गया। पुलिस का कहना है कि इससे उसकी कार्रवाई के बारे में भ्रामक धारणा बन सकती है।
पुलिस ने यह भी कहा कि ऐसी सामग्री को दोबारा पोस्ट करने और साझा करने से तनाव बढ़ सकता है, गलत सूचना फैल सकती है तथा आगे टकराव और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए जोखिम पैदा हो सकता है। ये दावे पुलिस के नोटिस में किए गए हैं।
नोटिस में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(b) और सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 3(1)(d) का उल्लेख है। इसमें नियम 7 और नियमों का पालन नहीं करने पर मध्यवर्ती संस्था को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा पर संभावित प्रभाव का भी संदर्भ दिया गया है।
सामग्री को गैरकानूनी बताए जाने के कारणों वाली तालिका में सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले कथन, गलत सूचना या अफवाह और मानहानि का उल्लेख है। तालिका में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराएं 353(1)(b) और 356(2) उद्धृत हैं।
एक्स को संबंधित लिंक हटाने या उन तक पहुंच रोकने के साथ ही साक्ष्य के लिए जरूरी डेटा, लॉग और सब्सक्राइबर जानकारी सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं करने को कहा गया है। निर्देश सूचीबद्ध पोस्ट के लिंक से संबंधित है; इसमें खातों को मिटाने का आदेश नहीं है।

