नई दिल्ली: न्यू सीमापुरी में इमारत गिरने से मरने वालों की संख्या तीन हो गई है और आठ लोग घायल हुए हैं। ताजा घटना अपडेट के अनुसार, बचाव दल मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश जारी रखे हुए थे।
ये आंकड़े कल की रिपोर्ट के बाद आए हैं, जब अधिकारियों ने एक बच्चे की मौत और करीब नौ लोगों को अस्पताल पहुंचाए जाने की जानकारी दी थी। ताजा अपडेट में एक सिर सहित पांच शरीर के हिस्से मिलने का उल्लेख अलग से किया गया है। इन्हें तीन बताई गई मौतों की संख्या में नहीं जोड़ा गया है।
आसपास की तीन इमारतों को भी नुकसान
ईदगाह मछली मंडी के पास स्थित इमारत 7 अक्टूबर को दोपहर करीब 3.10–3.15 बजे ढह गई। एमसीडी नियंत्रण कक्ष को 3.40 बजे सूचना मिली।
बताया गया है कि इमारत करीब 25 वर्ष पुरानी थी और झुग्गी-झोपड़ी बस्ती में दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड द्वारा आवंटित लगभग 25 वर्ग गज के भूखंड पर बनी थी।
आसपास की तीन इमारतों या ढांचों को आंशिक नुकसान हुआ और नजदीकी ईदगाह की एक चारदीवारी भी गिर गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, पास में पुनर्चक्रण योग्य सामग्री छांट रहे कुछ लोग और राहगीर भी गिरते मलबे की चपेट में आए।
करीब 150 कर्मी बचाव कार्य में जुटे
एनडीआरएफ, दिल्ली अग्निशमन सेवा, एमसीडी, दिल्ली पुलिस और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के करीब 150 कर्मी खोज एवं बचाव अभियान में शामिल थे।
छह जेसीबी, छह हाइड्रा मशीनें, एक बॉबकैट, एंबुलेंस और खोजी कुत्तों सहित विशेष बचाव उपकरण लगाए गए। जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर अभियान की निगरानी और समन्वय कर रहे थे।
अपडेट के अनुसार, शुरुआती आपातकालीन दल सूचना मिलने के करीब 15 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचे। बाद में एनडीआरएफ की टीम भी अभियान में शामिल हुई।
विस्तृत जांच से पता चलेगा हादसे का कारण
कुछ स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को बताया कि पिछली रात आए भूकंप के बाद इमारत में दरारें दिखाई दी थीं और मालिक इमारत खाली करा रहा था। एमसीडी के रखरखाव अधिकारियों के अनुसार, हादसे से पहले भूकंप के बाद इमारत की स्थिति को लेकर निगम को कोई शिकायत नहीं मिली थी।
कल की रिपोर्ट में जिलाधिकारी अजय कुमार ने कहा था कि स्थानीय पूछताछ में बगल की इमारत में तोड़फोड़ का काम होने की जानकारी मिली। ताजा घटना अपडेट में कहा गया है कि इमारत गिरने का वास्तविक कारण विस्तृत आकलन और जांच से तय होगा।
अपडेट जारी होने के समय खोज और मलबा हटाने का काम जारी था। बचाव दल मलबे और आसपास के प्रभावित क्षेत्र में अन्य लोगों के फंसे होने की संभावना की जांच कर रहे थे।

