नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम के टैगोर गार्डन स्थित एडी ब्लॉक प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को विज्ञान संग्रहालय और 3डी इमर्सिव लैब के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों से परिचित होने का अवसर मिलेगा। इसी के साथ नगर निगम ने दिल्ली के 24 प्राथमिक विद्यालयों को ‘निगम श्री विद्यालय’ के रूप में विकसित करने की योजना घोषित की है।
महापौर प्रवेश वाही ने टैगोर गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में इस पहल की घोषणा करते हुए कहा कि निगम श्री विद्यालयों को पीएम श्री और सीएम श्री विद्यालयों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। टैगोर गार्डन का यह प्राथमिक विद्यालय भी इस पहल के तहत उन्नत किया जाएगा।
कार्यक्रम में परिवारों को आर्थिक सहायता देने के साथ विद्यालयों के लिए नए संसाधन भी उपलब्ध कराए गए। लगभग 5.25 लाख निगम विद्यार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्रति विद्यार्थी ₹1,370 भेजे गए। इसके अलावा आईडीबीआई बैंक ने विद्यालयों को 1,500 कंप्यूटर प्रिंटर प्रदान किए और गैर-सरकारी संस्था सार्ड ने ‘साइंस ऑन व्हील्स’ बस उपलब्ध कराई।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निगम के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित इस विद्यालय में आर्थिक सहायता वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक संसाधनों का विस्तार करने, तकनीक आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने और प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को सहायता देने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया।
विज्ञान संग्रहालय और इमर्सिव लैब से नई तकनीकों का परिचय
कार्यक्रम शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य अतिथियों ने विद्यालय परिसर में स्थापित आर्यभट्ट विज्ञान संग्रहालय का भ्रमण किया। उन्होंने विज्ञान के मॉडलों, प्रोजेक्टर और अन्य शैक्षणिक संसाधनों का अवलोकन किया।
नगर निगम के अनुसार, विज्ञान संग्रहालय और 3डी इमर्सिव लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को एआई, कोडिंग और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों से परिचित कराया जाएगा। इन सुविधाओं का उद्देश्य किताबी पढ़ाई के साथ व्यावहारिक और अनुभवात्मक शिक्षा को जोड़ना है।
इनके जरिए बच्चों में जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा कम उम्र से ही तकनीकी ज्ञान और कौशल की मजबूत नींव तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।
महापौर वाही ने कहा कि प्रस्तावित निगम श्री विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, आधुनिक तकनीक को शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ने और विद्यार्थियों को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बेहतर सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अच्छे शैक्षणिक वातावरण के माध्यम से निगम विद्यालयों को नई पहचान देने का प्रयास किया जा रहा है।
यूनिफॉर्म और स्कूल बैग के लिए प्रति विद्यार्थी ₹1,370
कार्यक्रम में निगम विद्यालयों के लगभग 5.25 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में आर्थिक सहायता सीधे हस्तांतरित की गई।
प्रत्येक विद्यार्थी को ₹1,370 की राशि मिली, जिसमें ₹1,250 स्कूल यूनिफॉर्म और ₹120 स्कूल बैग खरीदने के लिए निर्धारित हैं।
नगर निगम ने कहा कि इस सहायता का उद्देश्य अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम करना और बच्चों की पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री जुटाने में परिवारों की मदद करना है।
शिक्षा विभाग ने इसे शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने, नियमित उपस्थिति बढ़ाने और स्कूल की गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के व्यापक प्रयासों से जोड़ा।
आईडीबीआई बैंक ने दिए 1,500 कंप्यूटर प्रिंटर
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आईडीबीआई बैंक ने निगम विद्यालयों के लिए 1,500 कंप्यूटर प्रिंटर उपलब्ध कराए।
रेखा गुप्ता ने बताया कि बैंक ने अपने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड के माध्यम से यह पहल की है। इससे विद्यालयों के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुगम बनाने में सहायता मिलेगी।
विज्ञान और तकनीक आधारित सुविधाओं के साथ ये प्रिंटर भी विद्यालयों के संसाधनों का विस्तार करने के प्रयास का हिस्सा हैं।
मुख्यमंत्री ने सरकारी संस्थाओं, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और निजी क्षेत्र के संगठनों के बीच समन्वय तथा सहभागिता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा में सार्थक और स्थायी बदलाव के लिए सभी हितधारकों का मिलकर काम करना आवश्यक है।
उन्होंने ओरेकल और सार्ड के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी साझेदारियां विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनके सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने में मदद कर सकती हैं।
‘साइंस ऑन व्हील्स’ से व्यावहारिक विज्ञान सीखने का अवसर
सार्ड ने निगम प्राथमिक विद्यालयों के लिए ‘साइंस ऑन व्हील्स’ बस उपलब्ध कराई है। इसके माध्यम से बच्चों को वैज्ञानिक अवधारणाओं को व्यावहारिक तरीके से समझने का अवसर मिलेगा।
यह पहल टैगोर गार्डन के विज्ञान संग्रहालय और इमर्सिव लैब जैसी सुविधाओं के साथ शिक्षा विभाग के संसाधनों में एक मोबाइल सुविधा भी जोड़ती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थागत सहयोग आधुनिक शिक्षा के अवसरों का विस्तार कर सकता है। नगर निगम ने भी व्यावहारिक और अनुभवात्मक शिक्षा को कक्षा में होने वाली पढ़ाई का महत्वपूर्ण पूरक बताया।
शिक्षण सामग्री और परीक्षा आवश्यकताओं के लिए धन
महापौर वाही ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निगम विद्यालयों के शिक्षकों के लिए शिक्षण-अधिगम सामग्री और परीक्षा संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए नगर निगम को जरूरी धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि इससे शिक्षकों को बेहतर शिक्षण सामग्री मिल सकेगी और विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता होगी।
इन उपायों को निगम श्री कार्यक्रम से जोड़ते हुए महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में स्वच्छ, शिक्षित और विकसित दिल्ली के लिए काम किया जा रहा है।
उन्होंने विद्यालयों के बेहतर बुनियादी ढांचे, तकनीक की सहायता से शिक्षण और अच्छे शैक्षणिक संसाधनों को निगम की शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
महापौर ने नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का भी उल्लेख किया
अपने संबोधन के एक अन्य हिस्से में वाही ने नगर निगम की स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के नागरिक हिंदूराव अस्पताल, स्वामी दयानंद अस्पताल, लाजपत नगर कॉलोनी अस्पताल और माता गूजरी अस्पताल में उपलब्ध नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
महापौर ने निगम संस्थानों के माध्यम से बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।
नेता सदन जय भगवान यादव, स्थायी समिति के उपाध्यक्ष सत्यपाल सिंह, शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा, पश्चिमी क्षेत्र वार्ड समिति के अध्यक्ष हरीश ओबरॉय और शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष अमित खरखड़ी भी उपस्थित थे।
नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार और शिक्षा विभाग के अपर आयुक्त संजीव कुमार मित्तल ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। स्थानीय निगम पार्षद शशि तलवार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और अतिथि भी मौजूद रहे।
नगर निगम ने कहा कि उसका शिक्षा विभाग प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता, विज्ञान सुविधाओं, डिजिटल शिक्षण संसाधनों और संस्थागत साझेदारियों को जोड़कर निगम शिक्षा की गुणवत्ता तथा पहुंच बेहतर बनाने का प्रयास कर रहा है। प्रस्तावित 24 निगम श्री विद्यालयों की पहल इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिसमें टैगोर गार्डन का विद्यालय भी उन्नयन के लिए शामिल है।

