दिल्ली: आपात कॉल की संख्या छह साल के उच्च स्तर 36,877 पर पहुंचने के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल ने अग्निशमन सेवा का प्रतिक्रिया समय घटाने के लिए क्षेत्रवार लक्ष्य तय करने और सुरक्षा जांच मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
गृह मंत्री आशीष सूद के साथ दिल्ली अग्निशमन सेवा की परिचालन तैयारियों की समीक्षा में ये निर्देश दिए गए। बैठक के विवरण में उपराज्यपाल ने कहा कि करीब 99 प्रतिशत आग की घटनाएं बिना सुरक्षा प्रमाणन वाले परिसरों में हुई थीं।

घनी आबादी वाले इलाकों और सुरक्षा जांच पर जोर
अधिकारियों को घनी आबादी और जोखिम वाले क्षेत्रों में प्रतिक्रिया तेज करने को प्राथमिकता देने तथा आवासीय इलाकों, बाजारों और औद्योगिक परिसरों में जांच मजबूत करने को कहा गया।
उपराज्यपाल ने आग की रोकथाम में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए सक्रिय जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
नए फायर स्टेशन, भर्ती और जीआईएस कमांड सेंटर
नए फायर स्टेशनों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण के साथ भूमि हस्तांतरण तेज करने, भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने और जीआईएस आधारित कमांड एवं नियंत्रण केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
इन कदमों को दिल्ली में आग की रोकथाम, तैयारियों और आपात प्रतिक्रिया मजबूत करने की प्राथमिकताओं के रूप में रखा गया।

