नई दिल्ली: पात्र निजी वाहन मालिकों के लिए 1 नवंबर 2026 से सालाना स्थानीय टोल पास का नया विकल्प शुरू होगा। नगर पालिका या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए ₹1,500 और सीमा के भीतर के प्लाजा के लिए ₹3,000 सालाना शुल्क तय किया गया है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने वैध और काम कर रहे फास्टैग वाले गैर-वाणिज्यिक वाहनों के लिए यह रियायत अधिसूचित की है। पास केवल उसी निर्धारित टोल प्लाजा पर मान्य होगा जिसके लिए वह जारी किया गया है। पात्र मालिक नई सालाना व्यवस्था या नियमों के तहत मौजूदा मासिक पास चुन सकते हैं।
पात्रता की दूरी: हिंदी में 30 किमी, अंग्रेजी में 20 किमी
आधिकारिक राजपत्र के हिंदी और अंग्रेजी पाठ में एक महत्वपूर्ण अंतर है। पहले पन्ने के हिंदी प्रावधान में प्लाजा से 30 किलोमीटर के भीतर रहने की शर्त है। तीसरे पन्ने के अंग्रेजी पाठ में 20 किलोमीटर लिखा है। दोनों 26 अक्टूबर 2026 की एक ही अधिसूचना, जी.एस.आर. 917(ई), का हिस्सा हैं।
इन अलग-अलग दूरियों को एक जैसा नहीं माना जा सकता और इसे 30 किमी तक पात्रता बढ़ने की पुष्टि भी नहीं समझना चाहिए। खासतौर पर प्लाजा से 20 से 30 किमी के बीच रहने वालों को रियायत पर भरोसा करने से पहले लागू पात्रता दूरी की स्पष्टता लेनी होगी।
स्थानीय टोल पास की सालाना दरें
- ₹1,500 सालाना: प्लाजा नगर पालिका या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा से बाहर हो।
- ₹3,000 सालाना: प्लाजा नगर पालिका या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा के भीतर हो।
दर का अंतर प्लाजा की स्थिति पर निर्भर है। यह एक खास प्लाजा का पास है; इससे यात्रा के रास्ते में पड़ने वाले या पूरे देश के सभी टोल प्लाजा पर आवागमन का अधिकार नहीं मिलता।
कहां यह रियायत नहीं मिलेगी?
जिस राष्ट्रीय राजमार्ग या एक्सप्रेसवे पर बंद उपयोगकर्ता शुल्क संग्रह प्रणाली के आधार पर टोल लिया जाता है, उसके लिए यह रियायती स्थानीय पास जारी नहीं होगा। चालक, मालिक या वाहन के प्रभारी व्यक्ति के इस्तेमाल के लिए सर्विस रोड या वैकल्पिक सड़क उपलब्ध होने पर भी पास नहीं दिया जाएगा।
संशोधन में दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु या कर्नाटक के पात्र प्लाजा की सूची नहीं दी गई है। केवल घर से नजदीक होने के कारण किसी प्लाजा पर पास लागू मान लेना सही नहीं होगा।
1 नवंबर से लागू होंगे नए नियम
राष्ट्रीय राजमार्ग फीस (दरों का अवधारण और संग्रहण) (पांचवां संशोधन) नियम, 2026 के जरिए 2008 के फीस नियमों के नियम 9 में नया स्थानीय पास प्रावधान जोड़ा गया है। नई सालाना रियायत 1 नवंबर से प्रभावी होगी, तत्काल लागू नहीं हुई है।
केंद्र सरकार हर साल 1 अप्रैल को निर्धारित दरों में संशोधन कर सकती है। यह दर बदलने का अधिकार है, हर साल अपने-आप बढ़ोतरी की घोषणा नहीं।
आवेदन करने से पहले संबंधित प्लाजा, वाहन और निवास की पात्रता, लागू दूरी तथा दोनों अपवादों की पुष्टि जरूरी है। अधिसूचना में नया आवेदन पोर्टल, दस्तावेजों की सूची या अपने-आप पास सक्रिय होने की प्रक्रिया नहीं बताई गई है।
राजपत्र के दोनों हिंदी पन्ने पढ़ें



