नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1 सितंबर से 5 नवंबर, 2026 के बीच चलाए गए देशव्यापी प्रवर्तन अभियान में 56,431 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई, 10,047 सुधार नोटिस जारी किए गए और 1,133 खाद्य लाइसेंस निलंबित किए गए।
प्राधिकरण ने कहा कि राज्य खाद्य सुरक्षा प्राधिकरणों के साथ मिलकर की गई ये त्योहारी सीजन की जांच घटिया तरीकों पर रोक लगाने और पूरे खाद्य क्षेत्र में सुरक्षा मानक बनाए रखने के उद्देश्य से की गईं।
एफएसएसएआई की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, लाइसेंस निलंबन के अलावा 52 लाइसेंस रद्द किए गए और 314 प्रतिष्ठानों को सील किया गया।
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने 43,939 नमूने एकत्र किए। एफएसएसएआई ने बताया कि इनमें से 23,648 नमूनों का विश्लेषण किया गया, 2,273 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए और 410 मामलों में अभियोजन शुरू किया गया।
अधिकारियों ने अनुमानित 81.80 करोड़ रुपये मूल्य के 3,279.57 मीट्रिक टन खाद्य उत्पाद जब्त किए। एफएसएसएआई ने इसे प्रतिबंधित और मानकों के अनुरूप न पाए गए खाद्य उत्पादों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई बताया।
जब्त किए गए उत्पादों में रोजमर्रा की जरूरी चीजों से लेकर त्योहारी खाद्य पदार्थ तक शामिल हैं, जैसे तेल, दूध और पनीर; मिठाइयां, खोया और घी; बेकरी उत्पाद और चॉकलेट; आइसक्रीम और नमकीन; तथा पैकेटबंद खाद्य पदार्थ और त्योहारी गिफ्ट हैंपर।
एफएसएसएआई ने इन आंकड़ों का राज्यवार ब्योरा जारी नहीं किया। उसने कहा कि वह निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का बेहतर पालन सुनिश्चित करने के लिए राज्य खाद्य सुरक्षा प्राधिकरणों के साथ काम जारी रखेगा।
दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले महीने त्योहारों से पहले सात बेकरी स्थलों की विशेष खाद्य सुरक्षा जांच का आदेश दिया था, जिसमें 10 नमूने लिए गए थे।

