नई दिल्ली: गुरुवार को दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) सदन की बैठक भारी हंगामे के बीच शुरू होते ही स्थगित कर दी गई। आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों ने सदन की शुरुआत में ही जोरदार नारेबाजी की और 12,000 संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग उठाई। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी पर दलित विरोधी होने का आरोप भी लगाया।
मेयर राजा इकबाल सिंह के सदन में प्रवेश करते ही आप पार्षदों ने “भाजपा दलित विरोधी है” लिखे पोस्टर लहराए और बीजेपी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू किया। विरोध के कारण कार्यवाही शुरू होते ही बाधित हो गई और अंततः स्थगित कर दी गई।
AAP पार्षदों ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह संविदा कर्मचारियों को पक्का करने में देरी कर रही है और दलित समुदाय के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। विपक्ष ने सदन में पोस्टर लहराए और भाजपा विरोधी नारे लगाए, जिससे सदन का वातावरण पूरी तरह अशांत हो गया।
मेयर राजा इकबाल सिंह ने स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमारी कोशिश रहती है कि पक्ष-विपक्ष और निर्दलीय सभी पार्षद खुलकर बोलें, क्योंकि जो भी बोलेगा वह जनता के लिए बोलेगा। मगर कुछ शरारती तत्व होते हैं जो सदन नहीं चलने देना चाहते। वे अधिकारीयों के साथ मिलकर अवरोध पैदा करते हैं।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंद्रप्रस्थ विकास मोर्चा ने ऐसा विरोध नहीं किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि विरोध केवल AAP की ओर से था। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि वे जनता के हित में बात करें, चाहे वह अधिकारियों के खिलाफ हो या सत्ताधारी दल के खिलाफ।
AAP का यह विरोध और 12,000 कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग एक लंबे समय से जारी मुद्दा है, जिससे एक बार फिर बीजेपी और AAP के बीच टकराव बढ़ता दिख रहा है। अब यह देखना होगा कि अगली बैठक में यह मुद्दा किस रूप में आगे बढ़ता है।