नई दिल्ली: दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने रविवार को जनकपुरी सी-ब्लॉक में भारी बारिश से हुए जलभराव (waterlogging) का निरीक्षण किया और इस दौरान पिछली सरकार पर 10 साल की लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड, लोक निर्माण विभाग (PWD) और पुलिस अधिकारियों को तुरंत स्थायी समाधान पर काम करने का निर्देश दिया।
सूद ने बताया कि क्षेत्र में करीब दो फीट पानी भर गया था और उचित ड्रेनेज व्यवस्था न होने से सड़कें पूरी तरह डूब गईं। उन्होंने मौके पर ही नालों और सीवर ढक्कनों को साफ करवाया और अधिकारियों को जल्द स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का आदेश दिया।
खुले में शराबखोरी और सुरक्षा चिंता
स्थानीय निवासियों ने मंत्री को बताया कि सी-ब्लॉक में एक शराब की दुकान पर लोग खुले में शराब पीते हैं और तेज संगीत बजाते हैं, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को खतरा है। इस पर सूद ने SHO को सख्त निर्देश दिए कि अगले 10 दिनों तक पुलिस बल तैनात रहे और इस समस्या का समाधान तुरंत हो। साथ ही उन्होंने जर्जर पुलिस चौकी की मरम्मत के भी आदेश दिए।

स्वच्छ दिल्ली पर सरकार का फोकस
सूद ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार जलभराव, प्रदूषण और स्वच्छता जैसे मुद्दों पर कई स्तरों पर काम कर रही है। “दिल्लीवासियों को मानसून में जलभराव से राहत दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम अल्पकालिक राहत और दीर्घकालिक समाधान दोनों पर एक साथ काम कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
नालों की सफाई, पंपिंग स्टेशन और हॉटस्पॉट जोन
शिक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि मानसून में जलभराव रोकने के लिए बड़े और छोटे नालों की नियमित सफाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा अतिरिक्त मोबाइल पंपिंग स्टेशन तैनात किए जा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में लगातार जलभराव होता है उन्हें “हॉटस्पॉट जोन” घोषित कर विशेष निगरानी में रखा गया है। पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, जल बोर्ड और ट्रैफिक पुलिस के बीच समन्वय सुनिश्चित किया गया है ताकि पानी की निकासी में देरी न हो।