नई दिल्ली: दिल्ली के गृह, बिजली, शहरी विकास और शिक्षा मंत्री अशिष सूद ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक कड़ा पत्र लिखते हुए उन पर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की तैनाती को लेकर गलत और भ्रामक बयान देने का आरोप लगाया है।
5 जनवरी 2026 को लिखे गए इस पत्र में अशिष सूद ने केजरीवाल के उस सार्वजनिक दावे को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती जैसे कार्यों में लगाया जा रहा है। सूद ने इसे न केवल तथ्यात्मक रूप से गलत बताया, बल्कि कहा कि इस विषय पर जारी सरकारी सर्कुलर पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में मौजूद है।
पत्र में सूद ने यह भी कहा कि केजरीवाल जैसे पूर्व मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले व्यक्ति द्वारा दिए गए ऐसे बयान महज़ गलतफहमी नहीं माने जा सकते। उनके अनुसार, यह एक महत्वपूर्ण जन-सुरक्षा पहल के सुचारु क्रियान्वयन को बाधित करने का जानबूझकर किया गया प्रयास प्रतीत होता है।
अशिष सूद ने आम आदमी पार्टी पर “शूट-एंड-स्कूट राजनीति” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले निराधार आरोप लगाए जाते हैं, फिर सनसनी फैलाई जाती है और बाद में जिम्मेदारी से पीछे हट जाया जाता है।
मंत्री ने कहा कि इस तरह की राजनीति से अनावश्यक उथल-पुथल पैदा होती है, जनविश्वास कमजोर होता है और शासन व्यवस्था प्रभावित होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बच्चों के कल्याण या स्कूलों के संचालन को किसी भी तरह की गलत जानकारी से प्रभावित नहीं होने देंगे।
अशिष सूद ने अरविंद केजरीवाल से दिल्ली की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की अपील की और कहा कि जिम्मेदार राजनीतिक संवाद के लिए संयम, ईमानदारी और तथ्यों के प्रति सम्मान जरूरी है। उन्होंने भविष्य में इस तरह के भ्रामक और गलत बयानों से बचने की भी अपील की।
इस पत्र के सामने आने के बाद दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर सरकार और आम आदमी पार्टी नेतृत्व के बीच टकराव तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

