नई दिल्ली: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़े ईडी समन उल्लंघन के दो मामलों में अदालत से राहत मिल गई है।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर दोनों शिकायतों को खारिज करते हुए कहा कि जांच एजेंसी समन की विधिवत तामील (Service of Summons) साबित करने में विफल रही है।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि ई-मेल के माध्यम से भेजे गए समन न तो दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और न ही प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत वैध माने जा सकते हैं। अदालत ने कहा कि ईडी यह भी सिद्ध नहीं कर पाई कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन की अवहेलना की।
कोर्ट ने माना कि जिस समय समन जारी किए गए थे, उस दौरान केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे और उन्हें आवागमन का मौलिक अधिकार प्राप्त था। ऐसे में बिना कानूनी रूप से वैध प्रक्रिया अपनाए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती।
अदालत ने यह भी कहा कि अभियोजन पक्ष आईपीसी की धारा 174 (कानूनी समन की अवहेलना) के तहत आरोप साबित करने में असफल रहा है। इसी आधार पर केजरीवाल को दोनों मामलों में दोषमुक्त कर दिया गया।
फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए लिखा— “सत्यमेव जयते”। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने फैसले का स्वागत किया, वहीं विपक्षी दलों ने यह स्पष्ट किया कि मुख्य दिल्ली शराब नीति घोटाला मामला अभी अदालत में लंबित है।
यह उल्लेखनीय है कि यह राहत केवल ईडी समन से जुड़े मामलों तक सीमित है। वर्ष 2022 से चल रहे दिल्ली शराब नीति से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मुख्य मामलों की सुनवाई जारी है। विशेष सीबीआई अदालत ने इस केस में अगली सुनवाई की तारीख 7 फरवरी तय की है।
इस प्रकरण में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह को भी पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। अरविंद केजरीवाल फिलहाल मुख्य मामले में जमानत पर हैं।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला जांच एजेंसियों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि प्रक्रियात्मक कानूनों का सख्ती से पालन अनिवार्य है, चाहे मामला कितना ही हाई-प्रोफाइल क्यों न हो।
डिस्क्लेमर: यह फैसला केवल ED समन उल्लंघन से जुड़े मामलों से संबंधित है और दिल्ली शराब नीति घोटाले के मुख्य मामले पर इसका कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ता।

