नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक बाजारों में अवैध रेहड़ी-पटरी की बढ़ती समस्या के खिलाफ अब व्यापारी आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन के नेतृत्व में दिल्ली के 60 से अधिक व्यापारी संगठनों ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ संगठित आंदोलन का ऐलान किया है।
इस संबंध में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में सदर बाजार, लाजपत राय मार्केट, भागीरथ पैलेस, अजमेरी गेट, चावड़ी बाजार, लाल किला क्षेत्र सहित कई प्रमुख बाजारों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में व्यापारियों ने कहा कि अवैध फेरीवालों की संख्या अब वैध दुकानदारों से कई गुना अधिक हो चुकी है, जिससे न केवल व्यापार चौपट हो रहा है बल्कि आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
“133 साल पुराना संगठन भी परेशान”
दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन के महासचिव श्री भगवान बंसल ने कहा कि उनका संगठन पिछले 133 वर्षों से दिल्ली के व्यापार का प्रतिनिधित्व करता आ रहा है, लेकिन मौजूदा हालात में बाजारों की स्थिति सबसे खराब दौर से गुजर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों अवैध रेहड़ी-पटरी वालों ने मुख्य सड़कों, दुकानों के आगे और बाजारों के प्रवेश द्वारों पर कब्जा कर लिया है।
ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था
दिल्ली स्टील एंड हार्डवेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री बलदेव कुमार गुप्ता ने बताया कि अजमेरी गेट से चावड़ी बाजार तक हालात बेहद भयावह हैं। जहां करीब 4,000 से 5,000 ठेले और रिक्शे चल रहे हैं, वहीं प्रशासन की ओर से केवल 400 परमिट ही जारी किए गए हैं। इससे भारी ट्रैफिक जाम, आपात सेवाओं में बाधा और सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है।
“व्यापार दिल्ली से बाहर चला जाएगा”
भागीरथ पैलेस इलेक्ट्रिकल मार्केट के अध्यक्ष श्री अजय शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि यह स्थिति यूं ही बनी रही, तो दिल्ली का संगठित व्यापार धीरे-धीरे दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो जाएगा। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी अब पारंपरिक व्यापार से दूरी बना रही है क्योंकि बाजारों में काम करना असुरक्षित और अलाभकारी हो गया है।
आंदोलन की रणनीति तय
दिल्ली मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री मुकेश ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि:
- सभी व्यापारी संगठन अपने-अपने लेटरहेड पर Municipal Corporation of Delhi, Delhi Police और गृह मंत्रालय को पत्र भेजेंगे
- 4 फरवरी से सदर बाजार से विरोध मार्च शुरू किया जाएगा
- लाल किला से फतेहपुरी तक बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जाएगा
- जरूरत पड़ने पर धरना, सड़क जाम और लंबा आंदोलन भी किया जाएगा
व्यापारियों ने यह भी तय किया कि प्रदर्शन से पहले पुलिस आयुक्त और एमसीडी आयुक्त से मुलाकात कर अंतिम चेतावनी दी जाएगी।
“यह लंबी लड़ाई है”
व्यापारियों का कहना है कि यह कोई एक दिन का आंदोलन नहीं, बल्कि दिल्ली के व्यापार और बाजारों को बचाने की लंबी लड़ाई है। यदि प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को पूरे शहर और फिर राज्य स्तर तक ले जाया जाएगा।
दिल्ली में अवैध रेहड़ी-पटरी अब केवल अतिक्रमण का मुद्दा नहीं, बल्कि व्यापार, यातायात, सुरक्षा और शहरी व्यवस्था का गंभीर संकट बन चुकी है। दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन सहित 60 से अधिक संगठनों का एकजुट होना इस बात का संकेत है कि व्यापारी अब केवल शिकायत नहीं, बल्कि निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार हैं।

