नई दिल्ली: दिल्ली में लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या और सीमित जगह के कारण पार्किंग संकट और ट्रैफिक जाम एक गंभीर शहरी समस्या बन चुके हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने ₹500 करोड़ की लागत से तीन मल्टीलेवल पार्किंग स्थलों के निर्माण का प्रस्ताव दिल्ली सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है।
अधिकारियों के मुताबिक, संगठित पार्किंग सुविधाओं की कमी के कारण लोग सड़कों पर अवैध रूप से वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे प्रमुख सड़कों और बाज़ार इलाकों में जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाओं का उद्देश्य इसी समस्या का स्थायी समाधान निकालना है।
प्रस्ताव के प्रमुख बिंदु
- कुल अनुमानित लागत: ₹500 करोड़
- पार्किंग परियोजनाएँ: तीन मल्टीलेवल पार्किंग स्थल
- मुख्य उद्देश्य: सड़क किनारे पार्किंग पर रोक और ट्रैफिक प्रवाह में सुधार
- स्थिति: दिल्ली सरकार की मंजूरी का इंतजार
प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग स्थल
- ईदगाह रोड, सदर पहाड़गंज:
पुराने कसाईखाने की जगह तीन मंज़िला पार्किंग, अनुमानित लागत ₹346 करोड़। - राजेंद्र नगर:
बेसमेंट, स्टिल्ट और तीन मंज़िलों वाली पार्किंग, अनुमानित लागत ₹76.6 करोड़। - शास्त्री पार्क, करोल बाग:
राजेंद्र नगर की तर्ज पर निर्माण, अनुमानित लागत ₹101.7 करोड़।
इन स्थलों का चयन दिल्ली के व्यस्त और अधिक ट्रैफिक वाले इलाकों को ध्यान में रखकर किया गया है।
पार्किंग संकट की असली वजह
- जमीन की भारी कमी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
- कई बाज़ारों में पार्किंग स्थल दूर होने के कारण लोग वहाँ वाहन खड़ा करने से बचते हैं।
- परिणामस्वरूप सड़क किनारे पार्किंग से ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था बढ़ती है।
आगे की योजना
MCD अन्य क्षेत्रों जैसे करोल बाग, पंजाबी बाग, रानी बाग, राजेंद्र नगर और पूसा लेन में भी नई पार्किंग सुविधाओं के विस्तार पर विचार कर रहा है। इन परियोजनाओं से आने वाले वर्षों में हजारों नए पार्किंग स्लॉट उपलब्ध हो सकते हैं।
मौजूदा पार्किंग व्यवस्था
फिलहाल दिल्ली में MCD द्वारा संचालित:
- 419 सतही पार्किंग स्थल
- 30 मल्टीलेवल पार्किंग सुविधाएँ
इसके अलावा हौज खास, लाजपत नगर, चांदनी चौक और निज़ामुद्दीन जैसे इलाकों में ऑटोमेटेड और सार्वजनिक पार्किंग सुविधाएँ पहले से मौजूद हैं, जबकि फतेहपुरी मार्केट और लाल किला क्षेत्र में नई पार्किंग परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं।
₹500 करोड़ की यह मल्टीलेवल पार्किंग योजना दिल्ली की पार्किंग और ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या से निपटने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। यदि समय पर मंजूरी और क्रियान्वयन हुआ, तो इससे सड़क किनारे पार्किंग में कमी आएगी, ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी और राजधानी के लाखों वाहन चालकों को राहत मिलेगी।

