AAP MLA Saurabh Bhardwaj: AAP विधायक सौरभ भारद्वाज का बड़ा आरोप: ईडी रेड के बाद साज़िश का खुलासा, सबूतों से छेड़छाड़ का दावा

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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने अपने घर पर हुई ईडी (ED) की रेड के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ईडी अधिकारी केंद्र सरकार और दिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना के साथ मिलकर एक “क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी” का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य उन्हें झूठे मामलों में फंसाना है।

छापेमारी और पूछताछ

भारद्वाज के मुताबिक, रेड सुबह करीब 5:15 बजे शुरू हुई। ईडी के डिप्टी डायरेक्टर रवश भारद्वाज और असिस्टेंट डायरेक्टर मयंक अरोड़ा के नेतृत्व में अधिकारियों ने घर की तलाशी ली। इस दौरान उनसे 43 सवाल पूछे गए और उनका बयान दर्ज किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी अधिकारियों ने उनके घर से जब्त किए गए इलेक्शन कमीशन का एफिडेविट और दिल्ली हाई कोर्ट का हेल्थ डिपार्टमेंट का एफिडेविट जैसे सार्वजनिक दस्तावेज़ों को भी “इन्क्रिमिनेटिंग एविडेंस” बताकर जब्त किया और बाद में पंचनामे से हटा दिया।

सबूतों में हेरफेर का आरोप

सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि असिस्टेंट डायरेक्टर मयंक अरोड़ा ने उनका स्टेटमेंट गूगल ड्राइव और व्हाट्सऐप के ज़रिए भाजपा नेताओं या एलजी ऑफिस तक भेजा और फिर दबाव डाला कि वे “बदला हुआ बयान” साइन करें।
“ईडी चाहती थी कि मैं अपने बयान से वे हिस्से हटा दूं जिनसे साबित होता है कि बतौर स्वास्थ्य मंत्री मैंने काम किया। मैंने इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने पंचनामा फाड़कर नया पंचनामा बनाया जिसमें मनमाफिक चीजें डाली गईं,” भारद्वाज ने कहा।

उन्होंने कहा कि ईडी ने फर्जी पंच गवाह बनाए और सरकारी कर्मचारियों से हस्ताक्षर करवाए। भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि उनके प्रिंटर और वाईफाई रिकॉर्ड में सबूत मौजूद हैं जिससे साबित होगा कि उनका मूल बयान बदला गया।

एलजी और केंद्र सरकार पर निशाना

AAP विधायक ने सीधे दिल्ली एलजी विनय कुमार सक्सेना पर आरोप लगाया कि अस्पतालों के प्रोजेक्ट्स में देरी को उन पर थोपकर उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है।
“मैंने स्वास्थ्य मंत्री बनते ही मीटिंग कर अफसरों को काम तेज करने के निर्देश दिए थे। स्टाफ भर्ती का जिम्मा एलजी का था, लेकिन उन्होंने जानबूझकर रोका। मेरे पास इसके दस्तावेज़ी और ऑडियो-वीडियो सबूत हैं,” उन्होंने कहा।

परिवार पर असर और मानसिक दबाव

भारद्वाज ने कहा कि ईडी की कार्रवाई ने उनके परिवार को झकझोर दिया है। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि उनकी 11 साल की बेटी ने पूछा, “पापा क्या आपको अरेस्ट कर लिया जाएगा?” और मज़ाक में कहा कि अगर वीडियो वायरल होगा तो वह “फेमस” हो जाएगी।
“यह है ईडी का असली चेहरा—कोएर्शन, थ्रेट और ब्लैकमेलिंग,” उन्होंने आरोप लगाया।

जिम्मेदारी तय करने की मांग

भारद्वाज ने मीडिया से अपील की कि ईडी अधिकारियों के लैपटॉप और प्रिंटर की फॉरेंसिक जांच कराई जाए।
“अगर ईडी छापा मार सकती है तो असली सबूत भी सामने लाए। क्यों न स्वतंत्र पत्रकारों या आम नागरिकों को पंच गवाह बनाया जाए?” उन्होंने सवाल किया।

उन्होंने कहा कि अगर उन्हें गिरफ्तार किया गया तो उनके वकील पूरे सबूतों के साथ जनता और मीडिया के सामने सच उजागर करेंगे।
“आज मेरे साथ हो रहा है, कल किसी भी आम नागरिक के घर पर छापा पड़ सकता है,” उन्होंने चेतावनी दी।

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