बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. के. रामचंद्र राव (KN:1993) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डॉ. रामचंद्र राव वर्तमान में नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय (Directorate of Civil Rights Enforcement – DCRE) में पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर कार्यरत थे।
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि हाल ही में मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित वीडियो और समाचार रिपोर्ट्स के आधार पर यह पाया गया कि अधिकारी का आचरण एक सरकारी सेवक के अनुरूप नहीं था, जिससे न केवल सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, बल्कि उसकी छवि को भी ठेस पहुंची
सरकार का प्राथमिक निष्कर्ष
सरकारी आदेश के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह निष्कर्ष निकला है कि डॉ. रामचंद्र राव का आचरण ऑल इंडिया सर्विसेज (कंडक्ट) रूल्स, 1968 के नियम-3 का उल्लंघन करता प्रतीत होता है। इसी आधार पर राज्य सरकार ने यह मानते हुए कि विभागीय जांच लंबित रहते हुए अधिकारी को पद पर बने रहना उपयुक्त नहीं है, उन्हें निलंबित करने का निर्णय लिया

कानूनी प्रावधानों के तहत निलंबन
यह कार्रवाई ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के नियम 3(1)(a) के तहत की गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू होगा और विभागीय जांच पूरी होने तक जारी रहेगा
निलंबन अवधि के दौरान शर्तें
- निलंबन अवधि में अधिकारी को नियम-4 के तहत निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) दिया जाएगा।
- अधिकारी राज्य सरकार की लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
- यह आदेश जांच की निष्पक्षता और प्रशासनिक अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से पारित किया गया है
कर्नाटक सरकार का यह फैसला स्पष्ट संकेत देता है कि सरकारी सेवा में अनुशासन, मर्यादा और आचरण को लेकर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। विभागीय जांच के निष्कर्ष आने तक डॉ. के. रामचंद्र राव निलंबन में रहेंगे और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।

