नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ग्रेटर नोएडा से 28 वर्षीय देवा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वह पहले 91 आपराधिक मामलों में कथित रूप से शामिल रहा है और तीन मामलों में अदालतों ने उसे प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया था।
क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न रेंज-II की टीम ने उसे 26 सितंबर को उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-16 स्थित रोजा याकूबपुर गांव की प्रधान मार्केट रोड से पकड़ा।
पुलिस के मुताबिक, उससे जुड़े मामलों में लूट, झपटमारी, चोरी, सेंधमारी, हत्या का प्रयास, पुलिसकर्मियों पर हमला और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामले शामिल हैं।
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पुलिस ने बताया कि द्वारका और आसपास के इलाकों में सड़क पर होने वाले अपराधों पर कार्रवाई के लिए निगरानी और स्थानीय स्तर पर सूचनाएं जुटाई जा रही थीं। हेड कांस्टेबल राजू राम को देवा के ग्रेटर नोएडा में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद टीम ने मौके पर इसकी पुष्टि की।
डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा ने यह टीम गठित की थी। एसीपी वेस्टर्न रेंज-II राज पाल डबास की निगरानी में इंस्पेक्टर अक्षय गहलौत ने अभियान का नेतृत्व किया। टीम में एसआई राहुल, एएसआई जितेंद्र और रस्मुद्दीन, हेड कांस्टेबल दिनेश, राजू राम और नवीन तथा महिला कांस्टेबल बिंदु शामिल थीं। हेड कांस्टेबल भंवर ने तकनीकी सहायता दी।
पुलिस का आरोप है कि देवा गिरफ्तारी और अदालती कार्यवाही से बचने के लिए ठिकाने बदलता रहा और बाद में दिल्ली से बाहर चला गया। पुलिस के अनुसार, पता लगाए जाने के समय वह ग्रेटर नोएडा में मजदूरी कर रहा था।
तीन मामलों में घोषित अपराधी होने का दावा
क्राइम ब्रांच के अनुसार, देवा को द्वारका नॉर्थ थाने के 2020 के झपटमारी और चोरी से जुड़े मामले तथा 2018 के सरकारी कर्मचारियों पर कथित हमले और लूट से जुड़े मामले में प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित किया गया था। बिंदापुर थाने के 2021 के हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के मामले में भी उसके खिलाफ यह कार्रवाई हुई थी।
पुलिस ने बताया कि द्वारका नॉर्थ के दोनों मामलों में क्रमशः 4 जून और 23 अगस्त, 2025 को उद्घोषणा के आदेश जारी हुए थे। इसके अलावा डाबड़ी और बिंदापुर थानों में दर्ज लूट तथा हथियारों से जुड़े तीन अन्य मामलों में भी उसके खिलाफ उद्घोषणा की कार्यवाही शुरू की गई थी।
2018 में पुलिसकर्मी पर कथित हमले का भी जिक्र
2018 की घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने आरोप लगाया कि देवा और उसके साथियों ने ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी पर हमला किया और उसकी सर्विस पिस्तौल छीनने की कोशिश की थी। पुलिस के अनुसार, इस दौरान हुई हाथापाई में देवा के पैर में गोली लगी थी।
क्राइम ब्रांच ने कहा कि यह गिरफ्तारी सड़क पर होने वाले अपराधों और अदालती कार्यवाही से बच रहे आरोपियों के खिलाफ उसके अभियान का हिस्सा है।

