AAP विधायक मुकेश अहलावत का आरोप—सरकारी ऑफिस से जबरन बेदखली, प्रशासन पर तानाशाही का आरोप

Date:

नई दिल्ली: दिल्ली में एक नया राजनीतिक विवाद तब खड़ा हो गया जब AAP विधायक मुकेश अहलावत ने आरोप लगाया कि सरकार उनके वैध रूप से अलॉट किए गए सरकारी ऑफिस को जबरन खाली करवा रही है। मंगलवार को पुलिस और विभागीय अधिकारी ऑफिस पहुंचे, जिसके बाद विधायक ने इस कार्रवाई को “तानाशाही” बताया।

अहलावत का दावा है कि उन्हें यह कार्यालय 25 जून 2025 को पाँच साल की अवधि के लिए विधिवत आवंटित किया गया था। विधानसभा स्पीकर की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, नवनिर्वाचित और मौजूदा विधायक अपने-अपने सरकारी कार्यालयों का उपयोग जारी रख सकते हैं

इसके बावजूद, विभाग ने 7 नवंबर की तारीख का इविक्शन नोटिस जारी किया– जो उन्हें 13 नवंबर को मिला। 14 नवंबर को उन्होंने कोर्ट में मामला दायर किया।
अहलावत के अनुसार नोटिस में 15 दिन का समय दिया जाना चाहिए था, लेकिन अधिकारी “समय से पहले दबाव बनाने के लिए पहुंच गए।”

Delhi Eviction Row | AAP vs BJP Politics | MLA Office Dispute | Mukesh Ahlawat Accuses Govt of Illegal Eviction

“AAP विधायकों को परेशान करने की साजिश”—मुकेश अहलावत

अहलावत ने कहा:

“यह सीधी साजिश है ताकि गरीब और दलित आबादी के काम न हो सकें। मुझे चुनाव में नहीं हरा पाए, अब ऐसे परेशान कर रहे हैं। जितना तंग करेंगे, मैं उससे दस गुना काम करूँगा।”

उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार AAP विधायकों को “डिस्टर्ब” कर रही है।

“खाली बिल्डिंगें पड़ी हैं, फिर भी सिर्फ मुझे निशाना बनाया जा रहा है”

अहलावत ने बताया कि सेक्टर-22 में सरकारी बिल्डिंगों में—

  • दो पूरी बिल्डिंगें खाली पड़ी हैं,
  • एक बिल्डिंग में 19 कमरे खाली,
  • दूसरी में 18 कमरे खाली,

लेकिन निशाना केवल AAP विधायक पर साधा जा रहा है।

फंड रोकने और पक्षपात के भी आरोप

अहलावत ने यह भी दावा किया कि:

  • CMDF फंड भाजपा विधायकों को दिया जा रहा है,
  • AAP विधायकों को विकास कार्यों के लिए फंड नहीं,
  • अस्पताल परियोजनाएँ जानबूझकर रोकी गईं,
  • संजय गांधी अस्पताल में एक-एक बेड पर तीन-तीन मरीज हैं।

उन्होंने कहा:

“अगर केजरीवाल सरकार द्वारा स्वीकृत अस्पताल पूरे हो गए होते, तो लोगों को इतनी परेशानी नहीं होती।”

“काम से मुकाबला करो, रोक-टोक से नहीं”

“मोदी का घर” योजना में AAP विधायकों को फंड न मिलने के आरोप पर उन्होंने कहा—

“काम से प्रतियोगिता करो, न कि जनता के काम को रोककर हमें परेशान करो। इससे नुकसान जनता का ही होता है।”

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Share post:

Popular

More like this
Related