नई दिल्ली: दिल्ली में विदेश से संचालित एक्सटॉरशन (रंगदारी) रैकेट एक बार फिर सुर्खियों में है। बड़े कारोबारियों को विदेश में बैठे गैंगस्टरों द्वारा फोन कर पैसे की मांग की जा रही है, और कॉल का जवाब न मिलने पर फायरिंग कर डराने की रणनीति अपनाई जा रही है। इसका ताज़ा उदाहरण पश्चिमी दिल्ली के “आर के फिटनेस” जिम के बाहर हुई देर रात फायरिंग है।
यह घटना रात करीब 11:30 बजे हुई। जिम के बाहर अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए। पुलिस के पास घटना का वीडियो और तस्वीरें मौजूद हैं, जबकि मौके से खोखे बरामद कर जांच के लिए सील किए गए हैं।
धमकी भरा मैसेज और विदेशी गैंग लिंक
फायरिंग के कुछ ही देर बाद धमकी भरा मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसे जांच एजेंसियां लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े विदेश में बैठे सदस्यों से जोड़कर देख रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह पैटर्न आम हो चुका है—पहले कॉल कर रंगदारी मांगी जाती है, और बात न बनने पर फायरिंग कर चेतावनी दी जाती है।
पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज जब्त की है और आसपास के कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। शूटरों की पहचान और उनके विदेशी हैंडलरों तक पहुंचने के लिए तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रेल पर काम तेज कर दिया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पहले भी कई संगठित अपराध सिंडिकेट्स को तोड़ा गया है और शूटरों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन विदेश से ऑपरेट होने वाले नेटवर्क कानून-व्यवस्था के लिए अब भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
बढ़ती चिंता
नए साल की शुरुआत में ही धमकी भरे कॉल और फायरिंग की घटनाओं ने व्यापारिक समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जांच एजेंसियां मानती हैं कि आरके फिटनेस जिम फायरिंग एक बड़े एक्सटॉरशन पैटर्न का हिस्सा है, जहां गोलियों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जाता है।
पुलिस का दावा है कि उपलब्ध सीसीटीवी, फॉरेंसिक सबूत और डिजिटल डेटा के आधार पर शूटरों की पहचान जल्द की जाएगी। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया कि विदेश से संचालित गैंगस्टर सिंडिकेट्स से निपटना 2026 में दिल्ली पुलिस की सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौतियों में से एक है।

