नई दिल्ली: बवाना में मादक पदार्थों की तस्करी की जांच के दौरान दिल्ली पुलिस के बाहरी उत्तरी जिले के एंटी नारकोटिक्स दस्ते ने ₹56,69,500 नकद, 355 ग्राम सोने और 161 ग्राम चांदी के आभूषण तथा चार संपत्तियों की रजिस्ट्री के दस्तावेज जब्त किए हैं। यह जानकारी पुलिस ने दी।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पार्वती की निशानदेही पर 28 सितंबर को बवाना की जेजे कॉलोनी में उसके घर और लॉकर की तलाशी ली गई। पुलिस का आरोप है कि नकदी, आभूषण और संपत्तियां हेरोइन बेचकर जुटाई गई थीं। अन्य संपत्तियों और बैंक खातों की भी तलाश की जा रही है।
दिल्ली और राजस्थान से तीन गिरफ्तारियां
जांच की शुरुआत 23 सितंबर 2026 को बवाना की न्यू सनोठ कॉलोनी में छापे से हुई थी। पुलिस ने पार्वती और उसके अंगरक्षक बताए गए विकास उर्फ शानू को गिरफ्तार कर 939 ग्राम हेरोइन, 615 ग्राम मिलावटी पाउडर और ₹7,93,170 नकद बरामद करने की जानकारी दी। एक टाटा हैरियर भी जब्त की गई।
नरेला थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस का आरोप है कि पार्वती बवाना और नरेला में मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाला अंतरराज्यीय नेटवर्क चला रही थी और आपूर्ति राजस्थान से होती थी।
पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर को पार्वती की निशानदेही पर कथित आपूर्तिकर्ता साहेब खान उर्फ सोनू, 27, को राजस्थान के प्रतापगढ़ से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसे गोरधनपुरा निवासी और फिजा होटल एंड रेस्टोरेंट का मालिक बताया है। उसकी स्विफ्ट कार से 265 ग्राम हेरोइन बरामद होने की जानकारी दी गई है। कार भी जब्त कर ली गई।
पूरे मामले में ₹64,62,670 नकद जब्त
नई बरामदगी के बाद मामले में जब्त कुल नकदी ₹64,62,670 हो गई है। पुलिस के अनुसार, अब तक 1.204 किलोग्राम हेरोइन, 615 ग्राम मिलावटी पाउडर, 355 ग्राम सोने और 161 ग्राम चांदी के आभूषण, चार संपत्तियों की रजिस्ट्री के दस्तावेज तथा दोनों कारें जब्त की गई हैं।
28 सितंबर को बरामद नकदी, आभूषण और दस्तावेज नरेला थाने के मालखाने में जमा कराए गए हैं। इन्हें मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित संपत्ति बताना पुलिस की जांच और आरोपों का हिस्सा है।
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जांच में कथित ड्रग्स की कमाई से बनाई गई अन्य संपत्तियों और बैंक खातों का पता लगाकर संबंधित प्रावधानों के तहत फ्रीज या कुर्की की कार्रवाई की संभावनाएं देखी जा रही हैं।
एंटी नारकोटिक्स दस्ते की कार्रवाई इंस्पेक्टर गौरव चौधरी के नेतृत्व में, एसीपी ऑपरेशंस की निगरानी और बाहरी उत्तरी जिले के डीसीपी के समग्र पर्यवेक्षण में हुई।

