नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर कथित अवैध हथियार दिखाने की सूचना की जांच करते हुए दिल्ली पुलिस के बाहरी उत्तरी जिले की एएटीएस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दो हथियार, एक मैगजीन और छह जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान नरेला निवासी शंकर, करीब 25 वर्ष, और सिरसपुर के जीवन पार्क निवासी रोशन झा, करीब 22 वर्ष, के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण और मैदानी जांच के आधार पर शंकर की पहचान की गई।
पहली गिरफ्तारी से कथित आपूर्तिकर्ता तक पहुंची टीम
पुलिस के अनुसार, शंकर की तलाशी में एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस मिला। इस संबंध में 26 सितंबर 2026 को नरेला थाने में आर्म्स एक्ट की धाराओं 25/54/59 के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में शंकर ने हथियार और कारतूस रोशन से मिलने की बात कही। उसने यह भी बताया कि रोशन ने पहले एक अन्य हथियार दिया था, जिसे बाद में वापस ले लिया था। इस जानकारी के आधार पर टीम ने रोशन को पकड़ा।
पुलिस के अनुसार, रोशन ने शंकर के पकड़े जाने का पता चलने के बाद दूसरा हथियार और गोला-बारूद बवाना–बादली नहर के पास छिपाने की जानकारी दी। उसकी निशानदेही पर मिले पैकेट में एक पिस्तौल, एक मैगजीन और 7.65 मिमी के पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने पिस्तौल को अत्याधुनिक बताया है।
हथियारों की आपूर्ति और अन्य संपर्कों की जांच
पुलिस ने बताया कि शंकर की चोरी के एक मामले में पूर्व संलिप्तता रही है। रोशन की हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट के चार मामलों में पूर्व संलिप्तता बताई गई है। पुलिस के अनुसार, वह समयपुर बादली थाने के गैर इरादतन हत्या के प्रयास से जुड़े एक मामले में भी वांछित है।
जांच में हथियारों की खरीद के स्रोत, आपूर्ति के नेटवर्क, अन्य लोगों को हथियार दिए जाने की संभावना और आरोपियों के अन्य आपराधिक नेटवर्क से संभावित संबंधों की पड़ताल की जा रही है। दूसरे मामलों में उनकी भूमिका भी जांची जा रही है।
इंस्पेक्टर आनंद कुमार झा के नेतृत्व वाली टीम में एएसआई नरेश कुमार और अजहर अनवर, हेड कांस्टेबल मनजीत सिंह और संदीप तथा कांस्टेबल मयंक और मनीष शामिल थे। कार्रवाई एसीपी ऑपरेशंस दिनेश कुमार की निगरानी, अतिरिक्त डीसीपी-I लोकेश्वरन आर के मार्गदर्शन और उत्तरी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह के निर्देशों के तहत हुई।
जिला पुलिस ने लोगों से अवैध हथियारों के प्रदर्शन, कब्जे या प्रसार की सूचना उपलब्ध विवरण के साथ देने की अपील की है। सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री को साझा करने या बढ़ावा देने के बजाय पुलिस को सूचित करने को कहा गया है।

