नई दिल्ली: संगठित मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए Directorate of Revenue Intelligence (DRI) ने ‘ऑपरेशन सह्याद्री चेकमेट’ के तहत सह्याद्री पर्वत श्रृंखला के दुर्गम इलाकों में चल रही एक क्लैंडेस्टाइन मोबाइल मेफेड्रोन निर्माण लैब का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में करीब 22 किलोग्राम मेफेड्रोन जब्त किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत लगभग ₹55 करोड़ आंकी गई है।
DRI को मिली पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर 24 जनवरी 2026 को की गई इस कार्रवाई में एक ऐसी मोबाइल और पूरी तरह कार्यशील ड्रग फैक्ट्री का पता चला, जिसे पहचान से बचने के लिए बार-बार स्थान बदला जा रहा था। जांच में सामने आया कि यह अवैध लैब पोल्ट्री फार्म की आड़ में संचालित की जा रही थी।
छापेमारी के दौरान DRI ने कुल 21.912 किलोग्राम मेफेड्रोन अलग-अलग रूपों में बरामद किया, जिसमें:
- 11.848 किलोग्राम तरल रूप में
- 9.326 किलोग्राम अर्ध-तरल रूप में
- 738 ग्राम क्रिस्टल रूप में शामिल है
इसके अलावा, 71.5 किलोग्राम कच्चा माल भी जब्त किया गया, जिससे लगभग 15 किलोग्राम तैयार NDPS पदार्थ बनाया जा सकता था।

गिरफ्तारियां और नेटवर्क का खुलासा
DRI ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें:
- ड्रग निर्माण में शामिल ‘कुक’,
- फाइनेंसर-कम-कंसाइनर,
- और पोल्ट्री फार्म का मालिक शामिल है।
जांच में यह भी सामने आया कि तैयार किए गए NDPS पदार्थ की पहली खेप को पोल्ट्री फार्म मालिक के घर में छिपाकर रखा गया था।
इसके बाद की कार्रवाई में DRI अधिकारियों ने घने जंगल क्षेत्र में स्थित एक पुराने ऑक्ट्रॉय टोल नाके के पास देर रात निगरानी कर दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो अंतिम ड्रग खेप लेने जा रहे थे।
DRI के अनुसार, गिरफ्तार किए गए पांच में से चार आरोपी पहले भी NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार हो चुके हैं या MCOCA, 1999 जैसे कड़े कानूनों के तहत मुकदमे झेल चुके हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर
DRI ने कहा कि यह कार्रवाई संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है, जो जन-स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और आर्थिक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क की अन्य कड़ियों की तलाश की जा रही है।

