नई दिल्ली: राजधानी में वायु गुणवत्ता सुधारने के दावों के बीच द्वारका के कई इलाकों में हालात इसके ठीक उलट नजर आ रहे हैं। द्वारका के सेक्टर 10 और सेक्टर 14 में टूटी सड़कों और खुले मलबे के कारण लगातार धूल के गुब्बार उड़ रहे हैं, जिससे स्थानीय लोग और राहगीर भारी परेशानी झेल रहे हैं।
स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों के अनुसार, सड़कों पर उड़ती धूल के कारण सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और दृश्यता में भारी कमी आ रही है। खासकर व्यस्त समय में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
लोगों का कहना है कि प्रदूषण केवल हवा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अब स्वास्थ्य संकट का रूप ले रहा है। कई नागरिकों ने श्वसन संबंधी समस्याओं और एलर्जी की शिकायत की है, जिसे वे लंबे समय से लंबित सड़क मरम्मत और धूल नियंत्रण उपायों की कमी से जोड़ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रदूषण नियंत्रण और वायु गुणवत्ता सुधार को लेकर किए जा रहे दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर बुनियादी काम—जैसे सड़कों की मरम्मत, पानी का छिड़काव और मलबे की समय पर सफाई—नज़र नहीं आ रहे हैं।
स्थिति को गंभीर बताते हुए निवासियों ने प्रशासन से तत्काल सड़क मरम्मत, नियमित जल छिड़काव और प्रभावी धूल नियंत्रण उपाय लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह समस्या लंबे समय तक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा बनी रहेगी।

