राजपथ से बवाना की अपराध जांच तक: ACP विवेक भगत का पुलिस सफर

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नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस 2022 पर ACP विवेक भगत ने राजपथ पर दिल्ली पुलिस की मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व किया था। वह एक बिल्कुल अलग जिम्मेदारी भी याद करते हैं—होली 2024 के आसपास बवाना में पांच साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच का पर्यवेक्षण।

इन दोनों जिम्मेदारियों में पुलिस सेवा के औपचारिक और अपराध जांच से जुड़े पहलू दिखाई देते हैं। भगत अपने कार्यकाल में अलीपुर और बवाना की तैनाती, गिरोहों की प्रतिद्वंद्विता से जुड़ी हत्या की जांच, लूट के मामलों और प्रशस्ति सम्मानों का उल्लेख करते हैं। महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न की अलग जांच के बीच उनका सेवा रिकॉर्ड भी चर्चा में है।

दिल्ली पुलिस की टुकड़ी का नेतृत्व

गणतंत्र दिवस परेड 2022 में भगत की भूमिका रक्षा मंत्रालय की आधिकारिक घोषणा में दर्ज है। इसमें उन्हें दिल्ली पुलिस की टुकड़ी का कमांडर बताया गया था।

इससे पहले फरवरी 2021 में उन्होंने विशेष पुलिस आयुक्त रॉबिन हिबू के साथ दिल्ली पुलिस की ओर से सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी की ट्रॉफी प्राप्त की थी। रक्षा मंत्रालय के रिकॉर्ड में भगत को टुकड़ी का कमांडर बताया गया है। दिल्ली पुलिस को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सहायक सेवाओं की श्रेणी में यह सम्मान मिला था।

भगत के अनुसार, उन्हें पुलिस आयुक्त की कमेंडेशन डिस्क और कमेंडेशन रोल के साथ भारत सरकार के रक्षा सचिव का कमेंडेशन रोल भी मिला है।

गिरोहों की जांच और दिल्ली से बाहर तक तलाश

भगत कहते हैं कि ACP अलीपुर और ACP बवाना के पद पर रहते हुए उन्होंने जितेंद्र गोगी, टिल्लू ताजपुरिया और नीरज बवाना गिरोहों की प्रतिद्वंद्विता से जुड़ी कई हत्याओं की जांच करने वाली टीमों का पर्यवेक्षण किया। वह कई गंभीर लूट के मामलों को सुलझाने का श्रेय भी अपनी टीमों को देते हैं।

जिन जांचों का वह उल्लेख करते हैं, उनमें होली 2024 के आसपास बवाना में बच्ची से कथित दुष्कर्म और हत्या का मामला शामिल है। उस समय की खबरों के मुताबिक, बच्ची 24 मार्च को लापता हुई थी। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को एक संदिग्ध की पहचान में मदद मिली, जो दिल्ली छोड़कर पश्चिम बंगाल चला गया था।

पुलिस के हवाले से प्रकाशित 28 मार्च 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं ने ट्रेन के रास्ते का पता लगाकर 26 मार्च को आसनसोल में आरोपी को गिरफ्तार किया। उसे अगले दिन दिल्ली लाया गया। बाद में पुलिस ने बवाना की एक फैक्टरी से बच्ची का शव बरामद किया।

भगत इस मामले को अपने बवाना कार्यकाल के दौरान उनके पर्यवेक्षण में हुई जांचों में शामिल बताते हैं।

कथित उत्पीड़न की जांच अलग मामला

जैसा कि दिल्ली न्यूज लाइव ने 6 अक्टूबर को पहले प्रकाशित खबर में बताया, दिल्ली सरकार के अनुसार भगत ने महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न की जांच पूरी होने और उसके संतोषजनक निष्कर्ष तक अतिरिक्त DCP का अस्थायी वर्तमान कार्यभार नहीं लेने का अनुरोध अपनी इच्छा से किया था।

सरकार ने कहा कि 5 अक्टूबर का आदेश संशोधित कर बाकी 11 DANIPS अधिकारियों के लिए जारी किया जाएगा। उसने वर्तमान कार्यभार को ऐसी अस्थायी व्यवस्था बताया, जिसमें कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलता और नियमित पदाधिकारी के वैधानिक कर्तव्यों का निर्वहन करने का अधिकार नहीं होता।

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