नई दिल्ली: FSSAI ने Complan और शिशु पोषण उत्पादों के प्रचार में इस्तेमाल किए गए वृद्धि तथा प्रतिरक्षा संबंधी दावों और Instagram पर शिशु दुग्ध विकल्पों का प्रचार करने वाली एक रील को लेकर नोटिस जारी किए हैं। कार्रवाई में जायडस वेलनेस प्रोडक्ट्स लिमिटेड, नेस्ले इंडिया लिमिटेड, एक Instagram क्रिएटर और अन्य शिशु फॉर्मूला कंपनियां शामिल हैं।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने कुछ उत्पाद दावों के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण और नियामकीय कार्रवाई क्यों न की जाए, इसका स्पष्टीकरण मांगा है। FSSAI के नोटिस संबंधी विवरण Complan, Lactogen Pro 1 Powder, Nan Excella Pro Stage 1 और पांच शिशु फॉर्मूला उत्पादों की सिफारिश करने वाली रील से जुड़े हैं।
FSSAI has issued notices to Food Business Operators (FBOs) regarding misleading claims and non-compliant promotions involving products like Complan, Lactogen Pro 1 Powder, Nan Excella Pro Stage 1 and infant milk substitutes.
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— FSSAI (@fssaiindia) October 21, 2026
Complan के वृद्धि और प्रतिरक्षा संबंधी दावों पर सवाल
जायडस वेलनेस प्रोडक्ट्स लिमिटेड को जारी नोटिस में FSSAI ने कहा कि Complan के लेबल और ऑनलाइन लिस्टिंग में दो बच्चों की तस्वीरों के साथ तेज वृद्धि, एकाग्रता तथा याददाश्त में सहयोग और 34 पोषक तत्वों से जुड़े प्रतिरक्षा लाभों के दावे दिखाए गए थे।
प्राधिकरण के अनुसार, ये दावे खाद्य सुरक्षा और मानक (विज्ञापन एवं दावे) विनियम, 2018 का उल्लंघन करते हैं। उसने चिकित्सकीय रूप से दोगुनी वृद्धि साबित होने और बताए गए प्रतिरक्षा लाभों संबंधी दावों का वैज्ञानिक औचित्य मांगा है।
FSSAI ने उत्पाद के चार फ्लेवर को वृद्धि से जोड़ने वाले विज्ञापन पर भी आपत्ति जताई। कंपनी को निर्धारित अवधि में बताने को कहा गया कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके तहत बने नियमों और विनियमों के अंतर्गत कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
Nestlé से शिशु आहार के दावों के प्रमाण मांगे
नेस्ले इंडिया को दिया गया एक अलग नोटिस Lactogen Pro 1 Powder से संबंधित है। FSSAI ने कहा कि पैकेजिंग या विज्ञापन सामग्री में दूध के प्रोटीन का हिस्सा व्हे प्रोटीन आसानी से पचने वाला होने का दावा किया गया था।
कंपनी से निर्धारित अवधि में इस दावे के वैज्ञानिक प्रमाण और सहायक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।
Nan Excella Pro Stage 1 के मामले में FSSAI ने पांच HMOs को सामान्य प्रतिरक्षा तंत्र के सहयोग से जोड़ने वाले दावे पर सवाल उठाया। प्राधिकरण के अनुसार, इस शब्दावली से उत्पाद का किसी विशेष शारीरिक स्थिति के संबंध में उपयोग उपयुक्त होने का संकेत मिलता है।
उसने इस दावे को उन प्रावधानों के अनुरूप नहीं माना, जिनमें लागू नियमों के तहत विशेष अनुमति के बिना किसी रोग, विकार या विशेष शारीरिक स्थिति की रोकथाम, राहत, उपचार या इलाज से संबंधित दावे प्रतिबंधित हैं।
FSSAI ने इस उत्पाद के व्हे प्रोटीन के पाचन संबंधी दावे का वैज्ञानिक आधार भी मांगा है। नेस्ले को निर्धारित अवधि में यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा कानून और उसके नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए।
Instagram पर शिशु फॉर्मूला प्रचार को लेकर भी नोटिस
प्राधिकरण ने Instagram के जरिए शिशु दुग्ध विकल्पों के विज्ञापन और प्रचार के संबंध में इरा फातिमा, एबॉट हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, नेस्ले इंडिया लिमिटेड, न्यूट्रिशिया इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड और मीड जॉनसन न्यूट्रिशन (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को भी नोटिस जारी किए हैं।
FSSAI के अनुसार, फातिमा की एक रील में पांच शिशु फॉर्मूला उत्पादों की क्रमबद्ध सिफारिश की गई थी। इनमें Nan-Pro 1, Aptamil Premium 1, Similac Advance 1, Enfamil A+ Stage 1 और Dexolac 1 शामिल थे।
प्राधिकरण ने कहा कि प्रचार सामग्री में इन उत्पादों से संतुलित पोषण, मजबूत प्रतिरक्षा, मस्तिष्क के विकास और आसान पाचन जैसे लाभ जोड़े गए थे।
FSSAI ने आरोप लगाया कि यह प्रचार शिशु दुग्ध विकल्प अधिनियम, 1992, जिसमें 2003 में संशोधन हुआ था, और खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) विनियम, 2020 के विज्ञापन, विपणन तथा प्रचार संबंधी प्रावधानों के विपरीत है।
नोटिस पाने वालों को उसके जारी होने की तारीख से निर्धारित अवधि के भीतर यह बताने का निर्देश दिया गया है कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके तहत बने नियमों और विनियमों के अंतर्गत कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
FSSAI के नोटिस में नामित कंपनियों की प्रतिक्रिया मिलने पर यह रिपोर्ट अपडेट की जाएगी।
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