नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य कारोबारियों को खोया, पनीर, मांस, मछली और अन्य जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के लिए पूरी आपूर्ति शृंखला में निर्धारित तापमान बनाए रखने का निर्देश दिया है।
15 अक्टूबर 2026 की इस एडवाइजरी को 18 अक्टूबर को साझा किया गया। प्राधिकरण ने कहा कि अनुचित तापमान पर इन पदार्थों की हैंडलिंग, भंडारण और ढुलाई से सूक्ष्मजीव पनपने तथा खाद्य पदार्थ खराब होने का खतरा बढ़ता है, जिससे खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य प्रभावित हो सकते हैं।
खरीद से उपभोक्ता तक तापमान नियंत्रण
एडवाइजरी में खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य कारोबार का लाइसेंस और पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची 4 का उल्लेख है। इसके अनुसार, खरीद या स्रोत से लेकर अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचाने के दौरान निर्धारित तापमान बनाए रखना जरूरी है। इसमें ठंडा करना, ढुलाई, भंडारण और वितरण शामिल हैं।
फूड-ग्रेड पैकिंग और साफ वाहन जरूरी
निर्माण, पैकिंग, भंडारण, ढुलाई, वितरण और बिक्री से जुड़े कारोबारियों को खाद्य परिवहन के अनुकूल साफ, ढके हुए और स्वच्छ वाहनों का इस्तेमाल करना होगा।
FSSAI ने केवल फूड-ग्रेड पैकिंग और उपयुक्त अतिरिक्त पैकिंग सामग्री इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। उत्पाद की सुरक्षा प्रभावित करने वाली जूट की बोरियों या दूसरी गैर-फूड-ग्रेड आवरण सामग्री में पैकिंग और ढुलाई से बचने को कहा गया है।
भंडारण, लदान, उतराई और परिवहन के दौरान खाद्य पदार्थों को धूल, नमी, कीटों, भौतिक नुकसान तथा एक पदार्थ से दूसरे में संदूषण से बचाना होगा। खेपों के रिकॉर्ड और उनकी स्रोत-से-गंतव्य पहचान भी रखनी होगी। सक्षम प्राधिकारी के मांगने पर चालान या दूसरे संबंधित दस्तावेज पेश करने होंगे।

निरीक्षण और ढुलाई की जांच पर निगरानी
सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों, भारतीय रेलवे और FSSAI के क्षेत्रीय निदेशकों से संबंधित लाइसेंसिंग प्राधिकारियों तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निरीक्षण और परिवहन जांच के दौरान कड़ी निगरानी के निर्देश देने को कहा गया है।
नियमों का पालन नहीं होने पर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 तथा उसके विनियमों के तहत जब्ती और नष्ट करने सहित उपयुक्त कार्रवाई की जा सकती है।


