नई दिल्ली: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कस्टम्स अधिकारियों ने संदिग्ध तस्करी के एक मामले में 25 सितंबर को तीन भारतीय यात्रियों को पकड़ा और 10 ड्रोन, उनके उपकरण तथा एक iPhone जब्त किया। विभाग के अनुसार, बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत ₹1 करोड़ से अधिक है।
यात्री हांगकांग से वियतनाम के रास्ते उड़ानों VN-593 और VN-981 से टर्मिनल-3 पहुंचे थे। कस्टम्स अधिकारियों द्वारा जुटाई गई खुफिया जानकारी के आधार पर उन्हें ग्रीन चैनल पार करते समय रोका गया।
कस्टम्स के मुताबिक, उनके सामान की विस्तृत तलाशी में पूरे उपकरणों के साथ Autel Robotics MDX-1 के 10 ड्रोन और एक iPhone 18 Pro Max बरामद हुआ।
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थर्मल इमेजिंग और लेजर रेंज फाइंडर से लैस ड्रोन
कस्टम्स के अनुसार, चार्टर्ड इंजीनियर के आकलन में इन्हें थर्मल इमेजिंग और लेजर रेंज फाइंडर से लैस पेशेवर श्रेणी के ड्रोन बताया गया। आकलन में इन्हें सैन्य/रक्षा श्रेणी के मानवरहित हवाई वाहन बताया गया है।
विभाग ने कहा कि प्रत्येक ड्रोन के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) में पंजीकरण अनिवार्य है।
बरामद सामान की कीमत ₹1,03,55,900
बरामद उपकरणों में कंट्रोलर, कैमरे वाले गिम्बल, केबल, प्रोपेलर और जॉयस्टिक शामिल हैं।
कस्टम्स ने बताया कि चार्टर्ड इंजीनियर ने बरामद सामान का कुल बाजार मूल्य ₹1,03,55,900 आंका है।
कस्टम्स एक्ट के तहत जब्ती, जांच जारी
विभाग के अनुसार, यात्रियों को पकड़ा गया और कस्टम्स एक्ट, 1962 की धारा 110(1) के तहत सामान जब्त किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।

