नई दिल्ली: दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत पर चल रहे दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी जमानत को चुनौती देते हुए अब दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है।
बुधवार को इस याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने मामले को 8 मई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। अदालत ने इस दौरान अधीनस्थ अदालत के पूरे रिकॉर्ड को तलब करने का भी निर्देश दिया।
ED हाई कोर्ट क्यों पहुंची?
सूत्रों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने PMLA जैसे सख्त कानून के तहत जमानत देते समय तय कानूनी कसौटियों का पालन नहीं किया। ED का तर्क है कि इस तरह के आदेश से जांच एजेंसी की वैधानिक शक्तियां कमजोर होती हैं और गंभीर आर्थिक अपराधों में गलत मिसाल कायम होती है।
ED ने यह भी दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा जुलाई 2024 में दी गई अंतरिम जमानत को स्थायी राहत नहीं माना जा सकता। गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने गिरफ्तारी की आवश्यकता और अनिवार्यता से जुड़े तीन अहम सवालों को बड़ी पीठ के पास भेजा था, जिन पर अभी अंतिम फैसला आना बाकी है।
कोर्ट में क्या हुआ?
दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान केजरीवाल की ओर से पेश वकील ने वरिष्ठ अधिवक्ता की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए सुनवाई टालने की मांग की। अदालत ने तत्काल सुनवाई स्थगित करने से इनकार करते हुए 8 मई की तारीख तय की और स्पष्ट किया कि उस दिन मामले पर विस्तार से सुनवाई होगी।
मामले की पृष्ठभूमि
- 21 मार्च 2024: ED ने अरविंद केजरीवाल को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया।
- 26 जून 2024: CBI ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी की।
- 12 जुलाई 2024: सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी और PMLA के तहत गिरफ्तारी से जुड़े अहम सवाल बड़ी पीठ को सौंपे।
- इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के जमानत आदेश पर रोक लगाई, हालांकि जमानत को औपचारिक रूप से रद्द नहीं किया गया।
आगे क्या?
अब सभी की नजरें 8 मई पर टिकी हैं, जब हाई कोर्ट तय करेगा कि केजरीवाल की जमानत बरकरार रहेगी या फिर ED की दलीलों के आधार पर राहत वापस ली जाएगी। यह फैसला न केवल केजरीवाल के लिए, बल्कि PMLA मामलों में जमानत की कानूनी व्याख्या के लिए भी अहम माना जा रहा है।

