नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम ने 3,000 विद्यार्थियों की पढ़ने की क्षमता बेहतर बनाने के लिए 75 दिवसीय ‘संकल्प’ शिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। यह पहल ऐसे स्मृति उत्सव का हिस्सा है, जिसमें विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ निगम कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच और विभिन्न इलाकों में स्वच्छता अभियान भी शामिल किए गए।
पूर्व राष्ट्रपति एवं वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की 95वीं जयंती पर आयोजित ‘कलाम स्मृति उत्सव’ के अंतर्गत ‘संकल्प’ का शुभारंभ किया गया। निगम के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की पठन क्षमता मजबूत करना और उनके शैक्षणिक विकास को गति देना है।
उत्सव के दौरान क्रिएटिविटी टेस्ट के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इस परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, सृजनात्मक सोच और उनकी प्रतिभा के विकास को प्रोत्साहित करना था।
निगम प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने पौधारोपण गतिविधियों में भाग लिया। इसके माध्यम से उन्हें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और हरित वातावरण के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
करोलबाग स्थित अजमल खान पार्क में पौधारोपण और स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस पहल के जरिए पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्रों के विकास और सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने का संदेश दिया गया।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किया गया। विद्यार्थियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों और अन्य उपस्थित लोगों को अपने आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ एवं हरित बनाए रखने की शपथ दिलाई गई।
विद्यार्थियों की गतिविधियों के साथ निगम कर्मचारियों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया गया। पहाड़गंज और राजेंद्र नगर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में विशेष रूप से एमसीडी के बेलदारों और मालियों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाए गए। इनमें कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच की गई और दवाएं प्रदान की गईं।
करोलबाग क्षेत्र की झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों, बाजारों और रेलवे ट्रैक के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाए गए।
इसके साथ सूचना, शिक्षा एवं सम्प्रेषण (आईईसी) गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता बनाए रखने, कचरे का उचित निस्तारण करने और सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने के प्रति जागरूक किया गया।
स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने और सार्वजनिक क्षेत्रों को साफ रखने के लिए करोलबाग क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर मलबा हटाने का अलग अभियान भी चलाया गया।
निगम के अनुसार, उत्सव में शिक्षा, कर्मचारी कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को एक साथ जोड़ा गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य डॉ. कलाम के शिक्षा, नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचारों को आगे बढ़ाना था।

