दिल्ली: राजधानी के लैंडफिल स्थलों पर पहुंचने वाले कूड़े की मात्रा घटाने के लिए घरों से ही गीले और सूखे कूड़े को अलग करना जरूरी है। महापौर प्रवेश वाही ने उत्तर-पश्चिम दिल्ली के प्रशांत विहार में घर-घर जागरूकता अभियान के दौरान यह बात कही। कार्यक्रम में नागरिकों को लगभग 70 डस्टबिन वितरित किए गए।
सेवा संकल्प अभियान के तहत क्षेत्र के घरों में पहुंचे वाही ने नागरिकों को रोजाना निकलने वाले कूड़े के पृथक्करण का तरीका बताया। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र के घरों तक पहुंचकर लोगों को इस व्यवस्था को अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगा।
महापौर ने नागरिकों से गीला कूड़ा हरे डस्टबिन और सूखा कूड़ा नीले डस्टबिन में डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्रोत पर ही कूड़े को अलग करने से उसके पुनर्चक्रण में आसानी होती है और लैंडफिल स्थलों पर भेजे जाने वाले कचरे को कम करने में मदद मिलती है।
जागरूकता कार्यक्रम में नागरिकों को कूड़े के पुनर्चक्रण के ‘4 आर’ के बारे में भी जानकारी दी गई।
वाही ने उन परिवारों की सराहना की जो पहले से अपने घरों का कूड़ा अलग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की स्वच्छता बेहतर बनाने में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है। लोग स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाएं तो शहर को अधिक तेजी से साफ-सुथरा बनाया जा सकता है।
घर-घर चलाए गए इस अभियान में दिल्ली नगर निगम के स्वच्छता प्रयासों को नागरिकों की दैनिक आदतों से जोड़ने पर जोर दिया गया। वाही ने कहा कि निगम की सफाई व्यवस्था मजबूत करने के साथ जनजागरूकता और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में निगम राजधानी को स्वच्छ बनाने और उसके परिवेश को बेहतर करने की दिशा में काम कर रहा है।
“स्वच्छ, सुंदर एवं कचरा-मुक्त दिल्ली का संकल्प तभी साकार होगा, जब जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सफाई कर्मचारी और आम नागरिक मिलकर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे,” वाही ने कहा।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से निगम का सहयोग करने, कूड़ा केवल निर्धारित स्थानों पर डालने और सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी, भाजपा मंडल के कार्यकर्ता और दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी उपस्थित रहे।

