नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। मनाली से शिमला तक की प्रमुख सड़कें मोटी बर्फ की चादर से ढक गई हैं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। हालात ऐसे हैं कि सैकड़ों सैलानी और स्थानीय लोग 24 से 48 घंटे तक अपनी गाड़ियों में फंसे रहे।
मनाली हाईवे पर कई जगहों पर 5 से 7 फीट तक बर्फ जमा हो गई है। गाड़ियों के पहिए जाम हो चुके हैं, वाहन फिसल रहे हैं और कई कारें बर्फ में पूरी तरह धंस गई हैं। इंजन चालू होने के बावजूद रास्ता बंद होने से लोग बेबस नजर आ रहे हैं।

कई सैलानियों ने बताया कि वे तीन दिनों से मनाली पहुंचने या वहां से निकलने में असमर्थ हैं। पेट्रोल खत्म हो गया है, खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे परिवारों की परेशानी और बढ़ गई है।
“हम 12 घंटे से एक ही जगह खड़े हैं, गाड़ी एक इंच भी नहीं हिली। न पुलिस दिखी, न प्रशासन,” एक यात्री ने कहा। कुछ लोग मजबूरी में अपनी गाड़ियां सड़क पर छोड़कर कई किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हुए।

इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण आने वाले दिनों में और बर्फबारी हो सकती है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका है।
मनाली में तापमान –10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। बिजली आपूर्ति बाधित है, पानी की पाइपलाइनें जम चुकी हैं और लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। होटलों और घरों में भी जनरेटर और आग के सहारे गुजारा किया जा रहा है।

लंबे समय से फंसे लोगों में प्रशासन को लेकर नाराज़गी बढ़ती जा रही है। कई सैलानियों ने अब सेना से मदद की अपील की है, यह कहते हुए कि केवल सेना ही उन्हें इस संकट से निकाल सकती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक मनाली और अन्य हिल स्टेशनों की यात्रा टालें। वहीं, फंसे सैलानी भी दूसरों को सलाह दे रहे हैं कि बर्फबारी खत्म होने और सड़कें साफ होने तक पहाड़ों का रुख न करें।

