नई दिल्ली: राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने संसद में एयरपोर्ट्स पर महंगे खाने-पीने की शिकायत का मुद्दा उठाते हुए Udaan Yatri Cafe योजना के विस्तार की मांग की।
विशेष उल्लेख के दौरान बोलते हुए चड्ढा ने कहा कि यात्रियों की लंबे समय से यह शिकायत रही है कि एयरपोर्ट पर खाने-पीने की चीजें बेहद महंगी मिलती हैं। उन्होंने सरकार द्वारा शुरू किए गए उड़ान यात्री कैफे का स्वागत किया, जहां ₹10 की चाय और ₹20 का समोसा जैसे सस्ते विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं।
हालांकि उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर इस योजना का लाभ सीमित है। देश में 150 से अधिक एयरपोर्ट होने के बावजूद अभी तक केवल 10 से 12 एयरपोर्ट्स पर ही उड़ान यात्री कैफे शुरू हो पाए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि ज्यादातर एयरपोर्ट्स पर ये कैफे चेक-इन और सिक्योरिटी से पहले बनाए गए हैं, जबकि यात्रियों को सबसे ज्यादा जरूरत डिपार्चर होल्ड एरिया और बोर्डिंग जोन में होती है, जहां वे अपनी उड़ान का लंबे समय तक इंतजार करते हैं।
चड्ढा ने कहा कि चेक-इन से पहले तो यात्री बाहर का खाना भी ला सकते हैं, लेकिन सिक्योरिटी के बाद वाले क्षेत्र में उन्हें महंगे फूड आउटलेट्स पर निर्भर रहना पड़ता है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जहां कैफे मौजूद हैं वहां सीमित काउंटर और सीमित मेन्यू के कारण पीक ट्रैवल समय में लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे यात्रियों के लिए इन सुविधाओं तक पहुंच सीमित हो जाती है।
राज्यसभा सांसद ने सरकार से आग्रह किया कि देश के सभी छोटे-बड़े एयरपोर्ट्स पर, विशेषकर सिक्योरिटी चेक के बाद डिपार्चर होल्ड एरिया में, उड़ान यात्री कैफे की शुरुआत की जाए ताकि यात्रियों को सस्ती और बेहतर भोजन सुविधाएं मिल सकें और हवाई यात्रा वास्तव में आम लोगों के लिए किफायती बन सके।

