नई दिल्ली: ऑनलाइन वित्तीय ठगी की तुरंत शिकायत करना और नशे की समस्या से उबरने के लिए मदद लेना—दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (डीटीयू) में दिल्ली पुलिस के जागरूकता कार्यक्रम के ये प्रमुख संदेश रहे। कार्यक्रम में करीब 600 छात्र और शिक्षक शामिल हुए।
दिल्ली पुलिस की विज्ञप्ति के अनुसार, युवाओं के लिए आयोजित “संवाद” में नशे से उबरे व्यक्ति के अनुभव, डिजिटल सुरक्षा की जानकारी और पुलिस सेवाओं के बारे में बताया गया। डीटीयू के अलावा एनआईटी, अदिति महाविद्यालय, सिरिफोर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट और दिल्ली कॉलेज फॉर एडवांस्ड स्टडीज सहित अन्य संस्थानों के प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया।

नील डिसिल्वा ने नशे की लत से उबरने और उद्यमी बनने की अपनी यात्रा साझा की। उन्होंने नशे का व्यक्ति और परिवार पर पड़ने वाला असर समझाया तथा मदद लेने और सोच-समझकर फैसले करने के महत्व पर बात की।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ गोविंद राय ने उभरते ऑनलाइन खतरों, ठगी, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार पर चर्चा की। उन्होंने छात्रों को ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने के लिए जागरूक किया।
एसीपी/बादली फिरोज आलम ने साइबर वित्तीय ठगी की तुरंत शिकायत 1930 हेल्पलाइन पर करने के बारे में बताया। उन्होंने दिल्ली पुलिस के मोबाइल रिकवरी मैकेनिज्म (एमआरएम) और शिकायत निवारण तंत्र (जीआरएम) की भी जानकारी दी।
उत्तरी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह ने युवाओं से जिम्मेदारी से फैसले लेने और नशे तथा साइबर अपराधों की रोकथाम में भागीदारी करने का आह्वान किया। डीटीयू के कुलपति प्रतीक शर्मा ने छात्रों की सुरक्षा और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
संवादात्मक सत्रों में छात्रों को पुलिस अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों से सीधे बातचीत का अवसर मिला। चर्चा में रोकथाम, समय पर मदद और ऑनलाइन व ऑफलाइन जिम्मेदार व्यवहार पर जोर रहा।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं के साथ संपर्क मजबूत करना और जागरूकता तथा सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।

