नई दिल्ली: पंजाबी बाग प्रदूषण हॉटस्पॉट के निरीक्षण के बाद शकूर बस्ती रेलवे साइडिंग यार्ड में धूल की समस्या पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से नॉर्दर्न रेलवे के साथ समन्वय कर सीमेंट की हैंडलिंग और ट्रकों की पार्किंग से जुड़ी समस्याएं दूर करने को कहा गया है।
हॉटस्पॉट के नोडल सचिव और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के सीईओ रूपेश कुमार ठाकुर ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को लागू नियमों के तहत चालान करने और जरूरत पड़ने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परिसर सील करने की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए। एमसीडी की 28 अक्टूबर की विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।
रेलवे साइडिंग को धूल का संभावित बड़ा स्रोत बताया
यह यार्ड पंजाबी बाग हॉटस्पॉट से करीब 1,100 मीटर दूर है। विज्ञप्ति के अनुसार, ठाकुर ने वहां जमा धूल के आसपास फैलने पर चिंता जताई।
हॉटस्पॉट के तीन किलोमीटर दायरे में निरीक्षण के दौरान निगरानी स्टेशन, निर्माण एवं विध्वंस मलबा स्थल और धूल दबाने के स्प्रिंकलर की व्यवस्था देखी गई। पंजाबी बाग दशहरा मैदान में खुली धूलभरी जमीन को नम रखने के लिए दो ट्रैक्टर तैनात करने की जानकारी भी दी गई।
सीएनजी और विद्युत शवदाह सुविधा निःशुल्क
पंजाबी बाग श्मशान घाट में ठाकुर ने उत्सर्जन घटाने के प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने लकड़ी के विकल्प के रूप में सीएनजी और विद्युत शवदाह सुविधाएं निःशुल्क देने की पहल की सराहना की।
एमसीडी, डीपीसीसी, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली सरकार, यातायात पुलिस और रेलवे को धूल नियंत्रण, स्थलों के रखरखाव और समय पर नियमानुसार कार्रवाई में समन्वय के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में पश्चिमी क्षेत्र के उपायुक्त कर्नल विनोद अत्री, पश्चिमी रेंज के डीसीपी यातायात रणबीर सिंह और अन्य अधिकारी शामिल थे।

