नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने शाहदरा इलाके में 71 वर्षीय बुज़ुर्ग व्यक्ति और उनकी पत्नी की डबल मर्डर मिस्ट्री को सुलझा लिया है। पुलिस के अनुसार यह मामला ‘फ्रेंडली एंट्री’ का था, जिसमें हत्यारा कोई बाहरी नहीं बल्कि परिवार का पहले से परिचित व्यक्ति निकला।
मीडिया को जानकारी देते हुए जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस मधुर वर्मा ने बताया कि यह घटना 3 जनवरी की है। बुज़ुर्ग दंपति की हत्या शाम करीब 7:30 से 8:30 बजे के बीच की गई, जबकि पुलिस को रात 12:50 बजे PCR कॉल प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस ने तत्परता से जांच शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, मामला इसलिए भी जटिल था क्योंकि जिस घर में वारदात हुई, वहां बटन-कंट्रोल एंट्री सिस्टम था। साथ ही मृतक महिला के शरीर से ज्वेलरी गायब थी। इससे पुलिस को शक हुआ कि वारदात किसी ऐसे व्यक्ति ने की है जिसे घर और परिवार की पूरी जानकारी थी।
आरोपी की पहचान
पुलिस ने आरोपी की पहचान अशोक कुमार सेन (39) के रूप में की है, जो नांगलोई का रहने वाला है। आरोपी पहले इसी परिवार के यहां केयरगिवर के रूप में काम कर चुका था।
पुलिस के अनुसार, अगस्त 2025 में बुज़ुर्ग व्यक्ति वीरेंद्र कुमार बंसल को गिरने से चोट लग गई थी, जिसके बाद एक एजेंसी के जरिए अशोक को 28 दिनों (1 से 28 अगस्त) के लिए केयरटेकर रखा गया था। इस दौरान वह घर में ही रहकर उनकी देखभाल करता था और घर की हर गतिविधि से परिचित हो गया।

हत्या की साजिश और वजह
पुलिस ने बताया कि आरोपी बेरोज़गार था और उस पर कर्ज भी था। जल्दी पैसे कमाने की नीयत से उसने उसी परिवार को निशाना बनाया, जिनका भरोसा वह पहले जीत चुका था।
उसे यह भी पता था कि दंपति का बेटा शाम को जिम जाता है और देर से लौटता है। घटना वाले दिन बेटे ने करीब 5:30 बजे फोन कर बताया था कि वह देर से आएगा।
वारदात का पूरा घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, आरोपी शाम 4:30 बजे नांगलोई से निकला, मेट्रो से शाहदरा स्टेशन पहुंचा और वहां से ई-रिक्शा लेकर मंडोली रोड स्थित घर पहुंचा।
करीब 5:50 बजे वह घर में दाखिल हुआ। परिचित होने के कारण किसी को शक नहीं हुआ। आरोपी ने दंपति के साथ बैठकर चाय भी पी।
करीब 7:47 बजे, उसने पहले बुज़ुर्ग महिला परवेश बंसल की गला दबाकर हत्या की। शोर सुनकर जब पति वीरेंद्र आए, तो आरोपी ने किचन में रखे कुकर से हमला कर उनकी भी हत्या कर दी।
फरारी और सबूत
हत्या के बाद आरोपी करीब 8:20 बजे वहां से फरार हो गया। वापसी में उसने मेट्रो के बजाय बस का रास्ता चुना और नांगलोई लौट आया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने घर से ज्यादा नकदी नहीं ली—सिर्फ कुछ ₹1 के नोट, कुल मिलाकर ₹500 से भी कम—लेकिन महिला की पहनी हुई सोने की ज्वेलरी (कंगन, चेन आदि) चुरा ली।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन से मृतक दंपति की तस्वीरें मिलीं, जिनमें महिला वही ज्वेलरी पहने दिख रही थी। इसके अलावा, आरोपी के कपड़े भी CCTV फुटेज से मैच हुए। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर सारी चोरी गई ज्वेलरी बरामद कर ली है।
एजेंसी भी जांच के घेरे में
पुलिस ने बताया कि आरोपी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। हालांकि, जिस एजेंसी के माध्यम से उसे केयरगिवर के तौर पर रखा गया था, उसकी वेरिफिकेशन प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का दावा
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस हत्याकांड में आरोपी अकेला शामिल था और किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने नहीं आई है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

