नई दिल्ली: तुर्कमान गेट इलाके में 6 जनवरी की रात अतिक्रमण हटाने पहुंचे पुलिस और Municipal Corporation of Delhi (एमसीडी) की टीम पर हुई पत्थरबाजी को लेकर जांच में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। Delhi Police का कहना है कि यह हिंसा अचानक नहीं थी, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश के संकेत मिल रहे हैं।
अब तक इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी वायरल वीडियो फुटेज में पुलिस और एमसीडी टीम पर पत्थर फेंकते हुए साफ दिखाई दे रहे थे। घटना के अगले दिन सुबह पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि बाद में सात और आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
महिलाओं और नाबालिग की भी संलिप्तता
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग और कई महिलाएं भी शामिल हैं। वीडियो के आधार पर उनकी पहचान कर ली गई है और पुलिस अन्य चिन्हित आरोपियों पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

बाहरी आरोपी ने बढ़ाई जांच एजेंसियों की चिंता
गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों में से मोहम्मद इमरान का मामला खासा चर्चा में है। वह सुल्तानपुरी इलाके का रहने वाला है, जबकि बाकी 11 आरोपी तुर्कमान गेट क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सुल्तानपुरी से तुर्कमान गेट तक वह कैसे और किसके संपर्क में पहुंचा, जिससे साजिश का दायरा स्थानीय सीमा से बाहर होने की आशंका मजबूत हो गई है।
200 की भीड़, पत्थर और कांच की बोतलें
पुलिस जांच के मुताबिक, उस रात 150 से 200 लोगों की भीड़ ने पुलिस और एमसीडी कर्मियों पर पत्थरों के साथ-साथ कांच की बोतलें भी फेंकीं। हालात इतने बिगड़ गए कि लॉ-एंड-ऑर्डर बनाए रखने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
सोशल मीडिया अफवाहों की अहम भूमिका
पुलिस ने अब तक 450 से अधिक वीडियो फुटेज जुटा लिए हैं, जिनमें सीसीटीवी, ड्रोन और बॉडी-कैम के वीडियो शामिल हैं। इन फुटेज के जरिए एक-एक कर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, करीब 30 लोग पुलिस के रडार पर हैं, जिनमें तीन ऐसे व्यक्ति भी शामिल हैं जिन्होंने कथित तौर पर झूठी अफवाहें फैलाकर 4–5 व्हाट्सऐप ग्रुप्स में भड़काऊ वीडियो और मैसेज साझा किए। इसके अलावा 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी जांच के दायरे में हैं।
पुलिस का आरोप है कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाले संदेशों के जरिए भीड़ को उकसाया गया, जिसके चलते हालात बेकाबू हो गए।
पत्थरबाजी पर क्या सजा हो सकती है?
कानून के जानकारों के अनुसार, पुलिस पर पत्थरबाजी गंभीर अपराध है। इस मामले में आरोपियों पर निम्न धाराओं में कार्रवाई हो सकती है:
- धारा 323 IPC – 1 साल तक की सजा या जुर्माना या दोनों
- धारा 147 IPC – 2 साल तक की सजा या जुर्माना या दोनों
- धारा 152 IPC – 3 साल तक की सजा
- धारा 427 IPC – 2 साल तक की सजा
यदि जांच में साजिश और संगठित हिंसा की पुष्टि होती है तो UAPA या NSA के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है, जिससे जमानत मिलना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
पुलिस का सख्त संदेश
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। हर वीडियो की बारीकी से जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तय मानी जा रही हैं।
तुर्कमान गेट मामला अब सोशल मीडिया के जरिए भड़काई गई हिंसा से निपटने की एक अहम कसौटी बन गया है, जहां पुलिस कड़ा और उदाहरणात्मक संदेश देने के मूड में है।

