नई दिल्ली: इंडिया गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर चुनावी अनियमितताओं के अपने आरोपों पर ज्ञापन सौंपा। विपक्ष इस मुद्दे को “वोट चोरी” बताकर उठा रहा है।
राष्ट्रपति से मिलने वाले नेताओं में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और ममता बनर्जी शामिल थे।
राहुल गांधी ने अगला कदम बताया
कांग्रेस की अलग पोस्ट में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद पहले मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां उन्हें हिरासत में लिया गया, पीटा और धकेला गया तथा बसों में बैठाकर पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
गांधी ने यह भी कहा कि जंतर-मंतर जाने पर उन्हें रोका गया। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि विपक्ष सोमवार को मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन देने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगा।
यह बयान प्रस्तावित ज्ञापन के बारे में है। इससे यह स्थापित नहीं होता कि अदालत में याचिका पहले ही दाखिल हो चुकी है या सुप्रीम कोर्ट ने विपक्ष के आरोपों पर सुनवाई स्वीकार कर ली है।
चुनाव आयोग से मुलाकात के विवाद के बाद राष्ट्रपति से भेंट
यह मुलाकात चुनावी प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर विपक्ष के अभियान और चुनाव आयोग से प्रस्तावित मुलाकात के विवाद के बीच हुई। “वोट चोरी” का दावा और पुलिस के व्यवहार पर गांधी का बयान विपक्ष के आरोप हैं; राष्ट्रपति से मुलाकात होने से वे प्रमाणित निष्कर्ष नहीं बन जाते।
पिछले घटनाक्रम के लिए किंग्सवे कैंप में राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने पर कांग्रेस का बयान और मुलाकात तथा नियुक्त समय के विवाद पर चुनाव आयोग का जवाब पढ़ें।
प्रदर्शन से जुड़े अलग मामले में दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर के जंतर-मंतर कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने परिवहन पर पूर्ण रोक के बजाय मेट्रो और रेल सेवाओं के नियंत्रित संचालन की बात कही है।

