नई दिल्ली: प्रियंक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से अपने बहीखाते सार्वजनिक जांच के लिए खोलने को कहा है। उन्होंने संगठन की फंडिंग, खर्च और वित्तीय जवाबदेही पर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया पर दिए बयान में खरगे ने पूछा कि संगठन को धन कौन देता है, पैसा कहां से आता है, कैसे खर्च होता है, खातों का ऑडिट कौन करता है और आखिरकार जवाबदेह कौन है।

पंजीकरण को वित्तीय जांच से जोड़ा
पंजीकृत चिह्न ® के जरिए राजनीतिक तंज कसते हुए खरगे ने दावा किया कि औपचारिक पंजीकरण से कानूनी जांच, वित्तीय खुलासे, पारदर्शिता और जवाबदेही जुड़ती है।
उन्होंने कहा कि RSS ऐसी जांच से डरता है और सवाल किया कि अगर संगठन के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो वह अपने बहीखाते सार्वजनिक जांच के लिए क्यों नहीं खोलता।

