नई दिल्ली: पूठ खुर्द में 19 अक्टूबर को हुई फायरिंग के मामले में बवाना पुलिस ने आंध्र प्रदेश से दो 19 वर्षीय युवकों को गिरफ्तार किया है। वारदात में कथित रूप से इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है, दिल्ली पुलिस ने रविवार को बताया।
पुलिस ने गिरफ्तार युवकों की पहचान दिल्ली के सुल्तानपुर डबास गांव निवासी अरुण शर्मा और सूरज के रूप में की है। नितिन डबास उर्फ विक्की हडल और उसके सहयोगियों से उनके कथित संबंधों की जांच की जा रही है।
हेलमेट फैक्ट्री के बाहर हुई थी फायरिंग
पूठ खुर्द में कपिल धर्म कांटा के पास हेलमेट बनाने की फैक्ट्री चलाने वाले शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि 19 अक्टूबर को अंदर मौजूद रहने के दौरान उसने गोली चलने जैसी आवाज सुनी। बाहर आने पर उसने कथित रूप से मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को अपनी खड़ी कार और सामने स्थित टाइल्स गोदाम के लोहे के गेट पर फायरिंग करते देखा। पुलिस के अनुसार, कार को नुकसान पहुंचा।
बवाना थाने में 20 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 125, 324(4) और 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धाराओं 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया।
सीसीटीवी और कॉल रिकॉर्ड से आंध्र प्रदेश तक पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के विश्लेषण से आरोपियों का पता लगाने में मदद मिली। विशाखापत्तनम में सुराग तलाशने के बाद टीम श्रीकाकुलम जिले के नरसन्नापेटा क्षेत्र स्थित एक डांस स्टूडियो तक पहुंची। स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों को वहां गिरफ्तार किया गया। अभियान की अगुवाई बवाना थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर अखिलेश बाजपेयी ने की।
वीओआईपी पर कथित संपर्कों की जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, अरुण शर्मा कथित रूप से सोशल मीडिया के जरिए नितिन डबास के संपर्क में आया और बाद में वीओआईपी ऐप से बातचीत करने लगा। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है कि डबास ने दोनों को हरियाणा के बहादुरगढ़ से हथियार और पैसे लेने तथा लक्ष्य की पहचान करने के निर्देश दिए और फायरिंग के दौरान ऐप पर ऑनलाइन जुड़ा रहा।
पुलिस ने कहा कि बातचीत के सही समय और स्वरूप, हथियार के स्रोत और उसके इस्तेमाल के उद्देश्य, फायरिंग के मकसद तथा डबास और अन्य सहयोगियों की कथित भूमिका की जांच जारी है।

