नई दिल्ली: टाटा पावर-डीडीएल और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने प्रस्तावित 136.3 किलोमीटर लंबे दिल्ली–पानीपत–करनाल नमो भारत कॉरिडोर के रास्ते में आने वाली बिजली सुविधाओं को स्थानांतरित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
बिजली वितरण कंपनी के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत वह रीजनल रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर के कार्यों के लिए अति उच्च वोल्टेज, उच्च वोल्टेज और निम्न वोल्टेज बिजली नेटवर्क को स्थानांतरित करने की निगरानी करेगी तथा एनसीआरटीसी को आवश्यक अनुमतियां देगी। काम के दौरान सुरक्षा, विश्वसनीयता और वैधानिक मानकों का पालन करना होगा।
टाटा पावर-डीडीएल की ओर से कस्टमर एक्सपीरियंस, कमर्शियल और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस की प्रमुख किरण गुप्ता तथा एनसीआरटीसी की ओर से कंपनी सचिव विजय कुमार ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
कंपनी ने बताया कि कॉरिडोर को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना के रूप में मान्यता प्राप्त है और इसकी निगरानी भारत सरकार के PMG पोर्टल के माध्यम से हो रही है। समझौते का उद्देश्य कॉरिडोर के काम के लिए बिजली नेटवर्क से जुड़ा समन्वय करना और वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता तथा अखंडता सुरक्षित रखना है।

