सॉफ्टवेयर आयात की आड़ में कथित धनशोधन: दिल्ली–कोलकाता के सात ठिकानों पर ED की तलाशी, 47 लाख जब्त

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नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय के विशाखापत्तनम उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने सॉफ्टवेयर आयात के भुगतान की आड़ में विदेश धन भेजने के कथित मामले में दिल्ली और कोलकाता के सात ठिकानों पर तलाशी ली है। एजेंसी के अनुसार, कार्रवाई में 47 लाख रुपये नकद और विदेशी मुद्रा जब्त की गई।

दो नवंबर की विज्ञप्ति में ईडी ने जब्त विदेशी मुद्रा में 5,900 अमेरिकी डॉलर, 2,200 यूएई दिरहम और 5,600 चीनी युआन शामिल होने की जानकारी दी। एजेंसी ने दस्तावेज, रिकॉर्ड, संपत्ति के कागजात और डिजिटल उपकरण भी जब्त करने का दावा किया। उसके अनुसार, इनमें शेल संस्थाओं के जरिए अपराध से अर्जित धन को कई स्तरों से गुजारकर विदेश भेजने के साक्ष्य हैं।

ईडी की जांच आयकर विभाग की शिकायत पर विशाखापत्तनम के एमवीपी पुलिस थाने में वड्डी महेश और अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। एजेंसी के मुताबिक, शिकायत में बैंकों के जरिए विदेश धन भेजने के लिए जाली दस्तावेजों को असली के तौर पर पेश करने का आरोप था।

ईडी का आरोप है कि महेश, उसके पिता और अन्य ने कोलकाता में पंजीकृत कार्यालयों वाली कंपनियां बनाईं तथा बैंक खाते खोले। इनके जरिए कस्टमाइज्ड सॉफ्टवेयर खरीदने के नाम पर सिंगापुर, हांगकांग और चीन की पांच कंपनियों को 569.03 करोड़ रुपये भेजे गए। एजेंसी के अनुसार, बैंकों में फर्जी बिल दिए गए और इन भुगतान के बदले कोई सॉफ्टवेयर आयात नहीं हुआ।

शेल कंपनियों के जरिए विदेश धन भेजने का आरोप

एजेंसी ने आगे आरोप लगाया कि COFEPOSA के तहत तीन बार हिरासत में लिया जा चुका भीमेंद्र कुमार गोयल सौंदर्य प्रसाधन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कपड़े की तस्करी करता था तथा सीमा शुल्क से बचता था। ईडी के मुताबिक, इसमें नेपाल के लिए उपलब्ध कस्टम्स ट्रांजिट डिक्लेरेशन स्कीम का दुरुपयोग भी शामिल था। एजेंसी का आरोप है कि विदेशी आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान और तस्करी के सामान की बिक्री से मिले धन को वैध दिखाने के लिए गोयल ने सहयोगियों के जरिए महेश से संपर्क किया।

ईडी ने कहा कि 2014–17 के दौरान महेश की शेल कंपनियों के खातों में विभिन्न संस्थाओं से रकम आई और गोयल के निर्देश पर उसे विदेश भेजा गया। एजेंसी का आरोप है कि रकम सिंगापुर और हांगकांग की निष्क्रिय या नई कंपनियों में रखी गई और फिर गोयल तथा उसके परिवार से जुड़ी स्विस फॉक्स पीटीई लिमिटेड और भव टेक्नोलॉजी चाइना लिमिटेड सहित अन्य कंपनियों के खातों में पहुंचाई गई।

विज्ञप्ति में गोयल और पवन कुमार रल्ली पर नई दिल्ली में फर्जी नाम-पतों पर मेहक ओवरसीज, करण ओवरसीज और गीत एंटरप्राइजेज चलाने का भी आरोप है। ईडी के अनुसार, कुछ रकम विलेज हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट के जरिए सिंगापुर की ईगल माउंट ट्रेडिंग पीटीई लिमिटेड में पहुंची, जिसका लाभकारी स्वामित्व आशीष तोदी के पास है। एजेंसी ने मामले में अपराध से अर्जित धन का प्रथमदृष्टया अनुमान करीब 1,500 करोड़ रुपये लगाया है। आगे की जांच जारी है।

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