नई दिल्ली: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने सोमवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 324 यानी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंचने के बाद पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के दूसरे चरण की सभी कार्रवाइयां तुरंत प्रभाव से लागू कर दी हैं।
2 नवंबर के आदेश के अनुसार, दिल्ली का एक्यूआई 31 अक्टूबर को 117 (‘मध्यम’) और 1 नवंबर को 261 (‘खराब’) था। सीएक्यूएम की ग्रैप उप-समिति ने इस बढ़ोतरी का कारण प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों को बताया। उसने कहा कि आईएमडी और आईआईटीएम के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में भी एक्यूआई ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रह सकता है।
दूसरा चरण 21 अक्टूबर से लागू पहले चरण के अतिरिक्त है। पूरे एनसीआर की सभी एजेंसियों को दोनों चरण लागू करने को कहा गया है, ताकि एक्यूआई और न बिगड़े।
दूसरे चरण में क्या होगा
- चिह्नित सड़कों पर रोज मशीनी या वैक्यूम सफाई और पानी का छिड़काव, बेहतर हो कि रात या तड़के, और मशीनों की पालियां बढ़ाई जाएं।
- व्यस्त समय से पहले रोज धूल रोकने वाले पदार्थों के साथ पानी का छिड़काव, खासकर भारी यातायात वाले मार्गों और जाम वाली जगहों पर।
- दिल्ली-एनसीआर के सभी चिह्नित प्रदूषण हॉटस्पॉट पर केंद्रित कार्रवाई।
- निर्माण और तोड़फोड़ स्थलों पर धूल नियंत्रण लागू कराने के लिए निरीक्षण बढ़ाना।
- निजी वाहनों को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाना।
- आरडब्ल्यूए सुरक्षा, सफाई, बागवानी और अन्य कर्मचारियों को बिजली के हीटर दें, ताकि सर्दियों में बायोमास और कचरा खुले में न जले।
- दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में सार्वजनिक कार्यालयों और नगर निकायों के समय में अंतर। एनसीआर के अन्य इलाकों पर राज्य सरकारें और दिल्ली-एनसीआर के अपने कार्यालयों पर केंद्र सरकार फैसला ले सकती है।
नागरिकों से क्या कहा गया
दूसरे चरण के नागरिक चार्टर में लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, निजी वाहन कम चलाने, थोड़ा लंबा होने पर भी कम भीड़ वाला रास्ता लेने और सही पार्किंग से फुटपाथ खाली रखने को कहा गया है। अक्टूबर से जनवरी तक धूल पैदा करने वाले निर्माण कार्यों, खुले में धुआं पैदा करने वाले खाना पकाने और तापने तथा कचरा जलाने से बचने को भी कहा गया है। जिनके पद के अनुसार संभव हो, वे घर से काम कर सकते हैं।
दिल्ली मेट्रो ने ग्रैप-2 को देखते हुए 3 नवंबर से कार्यदिवसों में 20 अतिरिक्त फेरे चलाने की बात कही है।
पहले चरण में पहले से लागू
29 सितंबर की संशोधित ग्रैप अनुसूची में होटलों, रेस्तरां और खुले भोजनालयों के तंदूरों में कोयले और लकड़ी पर रोक पहले चरण में है। डीजल जनरेटर सेट का नियमन और ईवी, सीएनजी या बीएस-6 डीजल के अलावा अन्य अंतर-शहरी और अंतर-राज्यीय बसों पर रोक भी इसी चरण में है।
उप-समिति ने कहा कि वह वायु गुणवत्ता पर कड़ी नजर रखेगी और समय-समय पर स्थिति की समीक्षा करेगी।

