Stridhan: शादी में दिए गए हर उपहार को ‘स्त्रीधन’ नहीं कहा जा सकता: दिल्ली कोर्ट ने महिला की याचिका की खारिज

दिनांक:

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने स्पष्ट किया है कि शादी के समय दिए गए हर उपहार को ‘स्त्रीधन’ नहीं माना जा सकता, और एक महिला द्वारा कार समेत अपनी दहेज सामग्री की वापसी के लिए दायर याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत दाखिल की गई थी।

न्यायिक मजिस्ट्रेट सोनिका ने 12 जुलाई को दिए आदेश में कहा कि दस्तावेजों और याचिका में संलग्न सूचियों के अवलोकन के बाद यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि याचिका में बताई गई सभी वस्तुएं — विशेषकर कार — स्त्रीधन के रूप में दी गई थीं। अदालत ने कहा कि महिला की स्वामित्व का कोई प्रारंभिक प्रमाण, जैसे कि बिल, तस्वीरें या गवाहों के हलफनामे, प्रस्तुत नहीं किए गए।

अदालत ने आगे कहा, “शादी में दी गई हर वस्तु को स्त्रीधन नहीं माना जा सकता, क्योंकि कुछ वस्तुएं केवल सामान्य उपहारों की श्रेणी में आती हैं।”

Also Read: Not Every Gift at Marriage Qualifies as ‘Stridhan’, Rules Delhi Court While Dismissing Woman’s Plea for Car, Dowry Items

चूंकि मामला अभी सुनवाई के प्रारंभिक चरण में है, अदालत ने कहा कि बिना सत्यापित सूची के आधार पर स्त्रीधन लौटाने का आदेश देना संभव नहीं है, खासकर जब स्वामित्व को लेकर विवाद लंबित है।

अंततः, अदालत ने महिला की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि वह समुचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर अंतिम सुनवाई के दौरान यह राहत पुनः मांग सकती हैं।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

पोस्ट साझा करें:

लोकप्रिय

और संबंधित खबरें
Related

दिल्ली मेट्रो: 3 नवंबर से कार्यदिवसों पर 20 और ट्रिप, GRAP-II के तहत कुल अतिरिक्त ट्रिप 40 होंगी

नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो 3 नवंबर से कार्यदिवसों पर...

सॉफ्टवेयर आयात की आड़ में कथित धनशोधन: दिल्ली–कोलकाता के सात ठिकानों पर ED की तलाशी, 47 लाख जब्त

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय के विशाखापत्तनम उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने...

गोल्फ लिंक्स डकैती मामले में 50 हजार का इनामी आरोपी बिहार से गिरफ्तार: पुलिस

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गोल्फ...

ट्राई ने अधिसूचित किए दूरसंचार शिकायत के नए नियम: 24 घंटे मदद, मानव सहायता, चूक पर दंड

ट्राई ने 24 घंटे शिकायत केंद्र, रोज 16 घंटे मानव सहायता, 15 दिन में अपील पर फैसला और चूक पर दंड के नियम अधिसूचित किए हैं।